मालगाड़ी का इंजन खराब, ट्रेनों का संचालन हुआ बाधित

मालगाड़ी का इंजन खराब, ट्रेनों का संचालन हुआ बाधित

gaurav khandelwal | Publish: Sep, 16 2018 07:36:27 AM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 07:36:28 AM (IST) Dausa, Rajasthan, India

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बांदीकुई. बांदीकुई-राजगढ़ रेल मार्ग पर ढिगावड़ा-सुरैर के समीप मालगाड़ी का पॉवर फेल (इंजन में तकनीकी खराबी) हो जाने के कारण शनिवार को ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया। इसके चलते बांदीकुई, बसवा, ढिगावड़ा एवं राजगढ़ में सवारी गाडिय़ों को रोकना पड़ा, वहीं यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।

 

 

रेल सूत्रों के मुताबिक अलवर-बांदीकुई दोहरीकरण के लिए सीमेंट के स्लीपर लेकर मालगाड़ी राजगढ़ से बांदीकुई की ओर आ रही थी कि सुरैर के समीप मालगाड़ी का दोपहर करीब पौने तीन बजे पॉवर फेल हो गया। बाद में बांदीकुई स्टेशन से दूसरी मालगाड़ी का पॉवर खोलकर भेजा गया। जहां से मालगाड़ी को बसवा लाया गया। इसके चलते जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस ट्रेन करीब एक घण्टे तक बांदीकुई स्टेशन रोकनी पड़ी।

 

 

रेलवे स्टेशन पर दो मालगाड़ी पहले से खड़ी रहने के कारण रानीखेत काठगोदाम एक्सप्रेस को अन्यत्र रोकना पड़ा। वहीं पोरबंदर एक्सप्रेस को बसवा, न्युभुज बरेली एक्सप्रेस को राजगढ़ एवं खैरथल-जयपुर सवारी गाड़ी को ढिगावड़ा स्टेशन पर रोकना पड़ा। इसके चलते रेल यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। खैरथल-जयपुर ढाई घण्टे व बरेली एक्सप्रेस ट्रेन भी अपने निर्धारित समय से दो घण्टे देरी से स्टेशन पहुंची।

 

 

इन ट्रेनों के कई घण्टे देरी से पहुंचने के कारण यात्रियों केा इंतजार करना पड़ा तो कुछ यात्रियों को निजी वाहनों से गंतव्य के लिए रवाना होना पड़ा। यात्री रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के देरी से आने के बारे में जानकारी करते दिखाई दिए।

 

 

विस्फोटक व मादक पदार्थों का कराया सर्च


बांदीकुई. सशस्त्र सीमा बल डॉग ट्रेनिंग सेंटर डेरा-रैणी का दल शनिवार को कमाण्डेंट डॉ.आर.एस. गहलावत के नेतृत्व में मुख्य बाजार में पहुंचा। जहां मादक एवं विस्फोट पदार्थ रखकर डॉग दल से सर्च कराया गया। जहां डॉग ने कुछ ही देर में विस्फोटक व मादक पदार्थ वाली जगहों को चिह्नित कर दिया। इस दौरान डॉग एवं सशस्त्र सीमा बल के जवानों को देख बाजार में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई।

 

मुख्य आरक्षी नारकोटिक्स (पशु चिकित्सा) ट्रेनर राजेश कुमार ने बताया कि इसमें 5 डॉग विस्फोटक एवं 6 डॉग मादक पदार्थ के सर्च के लिए आए। इसमें महाराष्ट्र के 5 डॉग को प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि ये सभी श्वान जर्मन शैफर्ड प्रजाति के होने के कारण चुस्त एवं फुर्तीले माने जाते हैं। जो मादक पदार्थो में कोकीन, कोडीन, हीराइन,ऑरफीन, अफीम एवं चरस को छिपाकर सर्च कराया गया।

 

वहीं संदिग्ध वस्तुओं की भी जांच कराई गई। देश की सीमा पर नशीले पदार्थ की तस्करी रोकने एवं विस्फोटक सामग्री की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर टीम कमाण्डर मंगलाराम, मुख्य आरक्षी राजविन्द्रसिंह, सीताराम चौहान भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी यह दल स्टेशन पर संदिग्ध वस्तुओं से जुड़ा सर्च कर चुका है। (ए.सं.)

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