बैठक में सहमति: 31 जुलाई तक नहीं खोलें धार्मिक स्थल

राज्य सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट : श्रावण माह में श्रद्धालुओं के उमडऩे को लेकर थी चिंता

By: Mahesh Jain

Published: 24 Jun 2020, 09:42 PM IST

दौसा. जिले में धार्मिक स्थल खोलने के संबंध में गठित कमेटी की बैठक बुधवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय किया गया कि जिले में 31 जुलाई तक धार्मिक स्थलों को नहीं खोला जाए। इस संबंध में राज्य सरकार को बैठक की रिपोर्ट भेजी जाएगी। साथ ही राज्य सरकार द्वारा धार्मिक स्थल खोलने के संबंध में लिए जाने वाले निर्णय पर सभी ने सहमति जताई।

गौरतलब है कि दौसा देवनगरी के नाम से प्रसिद्ध है। शहर के पंच महादेव मंदिरों सहित अन्य मंदिरों में श्रावण मास में लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं। कावड़ यात्राओं का भी दौर रहता है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना कराना संभव नहीं था। ये ही चिंता बैठक में सभी की जुबां पर दिखी। ऐसे में जुलाई माह में 31 जुलाई तक धार्मिक स्थल बंद रखने की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजने का निर्णय हुआ। श्रावण मास की शुरुआत 6 जुलाई से होगी तथा इस बार पांच सोमवार पड़ेंगे।


प्रदेश के उद्योग मंत्री परसादीलाल मीना, महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश, जिला कलक्टर अविचल चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक प्रहलाद सिंह कृष्णिया के साथ जिले के विभिन्न धर्मस्थलों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई।

मंत्री परसादीलाल ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी धार्मिक स्थलों को 31 जुलाई तक नहीं खोला जाना चाहिए।

मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीमारी से बचने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है। ऐसे स्थिति में धार्मिक स्थलों को खोलने से यह महामारी जिले में अधिक फैल सकती है। मंत्रियों ने कहा कि कोरोना जागरुकता के साथ-साथ सामान्य प्रशासनिक कामकाज सुचारू रूप से चले तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को मिले, इसके लिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता से कार्य करें। सभी को राशन मुहैया कराएं। मनरेगा के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराएं।

धार्मिक सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कहा: सरकार के निर्णय के साथ
बैठक में सभी धर्मों के लोगों ने कहा कि कोरोना चुनौती का सामना करने के लिए सभी धार्मिक संस्थाएं सरकार के साथ खड़ी हैं। सभी धर्मस्थलों में पूजा हो रही है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक स्थल खोलने में वे सरकार के निर्णय के साथ हैं।

जिला कलक्टर अविचल चतुर्वेदी ने कहा कि कोरोना के प्रारंभ में जब धार्मिक स्थल बंद करने की बात पर सभी समुदाय से सहयोग मिला। उसी विश्वास के साथ वे अब कहना चाहते हैं कि कोरोना महामारी के दौरान अभी 31 जुलाई तक धार्मिक स्थल खोला जाना जनहित में नही होगा। श्रावण माह में श्रदालुओं को सोशल एडवाइजरी के लिए समझाया जाना और भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल होगा। इस पर सभी ने 31 जुलाई तक नहीं खोलने पर सहमति दी है। जिला कलक्टर ने विशेष जागरुकता अभियान की प्रचार सामग्री धार्मिक स्थल के मुख्य द्वार सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर चस्पा करने की बात भी कही।

बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रहलाद सिंह ने कहा कि धार्मिक स्थल खुलने की जानकारी मिलते ही श्रावण में दर्शनार्थियों की भीड़ पड़ेगी, ऐसे स्थिति में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाना बहुत मुश्किल हो सकता है। कोरोना पर नियंत्रण होने तक धार्मिक स्थलों को खोला जाना ठीक नहीं होगा। धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विश्वास दिलाया कि धार्मिक स्थल राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार ही खोले जाएंगे। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एल के बालोत, एसडीएम पुष्कर मित्तल, सीएमएचओ डॉ. पीएम वर्मा, सहायक निदेशक रामजीलाल मीना, शंभूदयाल मीना, कैलाश मीना, जितेन्द्र तिवाड़ी, प्रीतिपाल सिंह, शहर काजी, अल्ताफ, अवधेश शर्मा, राजेश ठाकुरिया, द्वारकाप्रसाद, अभिनंदन गुप्ता सहित कई लोग थे।

बैठक में सहमति: 31 जुलाई तक नहीं खोलें धार्मिक स्थल
Mahesh Jain Bureau Incharge
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