सुनाई वामन अवतार व कृष्ण जन्म की कथा, सजीव झांकी सजाई

Narrated the story of Vamana avatar and Krishna's birth, decorated live ....श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ

By: Rajendra Jain

Published: 18 Feb 2020, 11:06 AM IST

ढिगारियाकपूर(बांदीकुई). ग्राम ढिगारिया कपूर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में सोमवार को वामन अवतार, राम व कृष्ण जन्म से जुड़ी कथा सुनाई गई। कथावाचक साध्वी प्रिया किशोरी ने कहा कि भगवान के भजनों के बिना मुक्ति संभव नहीं है। प्रभु ही मनुष्य का कल्याण कर सकते हैं। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर नाचे। सजीव झांकी सजाई गई। मंगलवार को शिव परिवार व हनुमानजी की प्राण प्रतिष्ठा तथा गोवर्धन पूजा कार्यक्रम होगा। कांजी पटेल, राधेश्याम पटेल, भरतलाल मीणा, गोरेलाल, कैलाश मीणा, गोविंराम, मुरारीलाल, कालूराम, हरिओम एवं युवा नेता धर्मेन्द्र मीणा ने भी भागवत कथा में शिरकत की।

राधावल्लभ मंदिर का होगा जीर्णोद्धार
-बैठक आयोजित कर सौंपी जिम्मेदारियां
बांदीकुई. श्रीराधावल्लभ सेवा समिति की बैठक सोमवार को हुई। इसमें शहर के आराध्यदेव राधावल्लभ मंदिर का जीर्णोद्धार किए जाने का निर्णय लिया गया। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई। मंदिर परिसर में समिति पदाधिकारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि राधावल्लभ मंदिर शहर के लोगों की आस्था का केन्द्र हैं। लोगों में भी मंदिर जीर्णोद्धार को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। कुछ लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग भी दिया। कृषि उपज मण्डी समिति व्यापार मण्डल अध्यक्ष भगवानसहाय चौधरी, मंदिर पुजारी जितेन्द्र मुद्गल, दामोदर मुदगल, राकेश चौधरी, हितेश रावत, अंकुश माचीवाल, पंडित श्रीकष्ण शास्त्री, महेश सैन, पवन ताम्बी एवं नवीन झालानी भी मौजूद थे।


ईश्वर एक, रूप अनेक-शास्त्री
श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ
कठनाडी(बडिय़ाल कलां). ग्राम कठनाड़ी स्थित शिव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ में वंृदावन धाम के केदार शास्त्री ने कहा कि ईश्वर एक है, लेकिन उसके रूप अनेक हैं। ईश्वरीय आराधना से ही मनुष्य का कल्याण संभव है। भगवान की भक्ति वन में ही नहीं अपितु घर में भी की जा सकती है। सच्चे मन से याद करने पर ईश्वर भक्तों की मदद अवश्य करता है। ईश्वर सर्वत्र व्याप्त है। बिना ईश्वर की मर्जी के कुछ भी संभव नहीं है। उन्होने कहा कि हमेशा मनुष्य को सद्कर्म करने चाहिए। पाप कर्मों का त्याग करना चाहिए। भजनों पर श्रोता झूम उठे। शास्त्री ने सृष्टि वर्णन, धु्रव चरित्र एवं वामन अवतार की कथा भी सुनाई।

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