दिवाली पर चाइनीज को बाय-बाय, स्वदेशी उत्पादों की मांग

gaurav khandelwal

Publish: Oct, 13 2017 08:38:44 (IST)

Dausa, Rajasthan, India
दिवाली पर चाइनीज को बाय-बाय, स्वदेशी उत्पादों की मांग

रोशनी से जगमग होंगे शहर-गांव, दीपकों के साथ भारतीय लडिय़ों से सजा रहे घर व दुकान।

दौसा. जिले में पांच दिवसीय दीपोत्सव के दौरान घर व प्रतिष्ठानों को रोशनी से नहलाने के लिए लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी है। घरों में पारम्परिक रोशन के लिए जहां लोग मिट्टी के दीपकों की खरीदारी में जुटे हैं, वहीं आधुनिकता के दौर में बिजली के सहयोग से घरों को विभिन्न रंगों की रोशनी से जगमग करने के विभिन्न प्रकार की लडिय़ां, बल्ब, ट्यूब लाइट आदि खरीदी जा रही है।

लोगों में घरों को जगमग करने की रूचि के कारण बाजार में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व्यापारियों ने विभिन्न प्रकार की अहमदाबाद लडिय़ों पट्टे से दुकानों को सजा दिया है। हालांकि जिलेवासियों का दीपक व रुई से बनी बत्तियों की ओर भी रूझान है, लेकिन घर व दुकानों को दीपोत्सव में रोशनी से जगमग करने की इच्छा के चलते बिजली चलित लडिय़ां खरीद रहे हैं।


शहर के मण्डी रोड स्थित एक व्यापारी अनिल नाटानी ने बताया कि इस दीपावली पर बाजार में चाइनीज लडिय़ों की बिक्री कम हो रही है। लोग भारतीय उत्पादों की मांग कर रहे है। रेलिंग पर लगाने के लिए अहदाबाद का पट्टा, इलक्ट्रॉनिक दीपक, डायमंड एलईडी प्रमुख है।

इस वर्ष बाजार में अहमदाबाद का पट्टा लडिय़ों व बांदरवाल की मांग अधिक है। ऐसे में दुकानों पर सर्वाधिक लडिय़ों का स्टॉक किया गया है। दुकानों पर नमूने के तौर पर लाइटों को जलाकर लगाया गया है। इस बार लडिय़ों के साथ इलेक्ट्रॉनिक दीपक, अखण्ड जोत, रंगीन रोशनी के बल्ब आदि लोगों को खूब लुभा रहे हैं।

पांचूलाल प्रजापत ने बताया कि दीपावली को लेकर मिट्टी के दीपक बनाकर बेचना शुरू कर दिया है। बाजार मे दीपक अंतिम तीन दिन ही बिकते हैं। अभी तो घर-घर जाकर दीपक बेचते हैं। पहले दीपावली पर लगभग 25 हजार की बिक्री हो जाती थी, लेकिन इलेक्ट्रिक आइटमों की वजह से अब दीपावली पर 8 से 10 हजार रुपए तक दीपकों की बिक्री हो पाती है।

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