अपडेट के फेर में फंसे राशन उपभोक्ता

दूसरे राशन डीलरों के पास नहीं मिल रही सामग्री

By: Rajendra Jain

Updated: 04 Apr 2019, 09:37 AM IST

दौसा. प्रदेश में राशन उपभोक्ताओं के नाम व सूची अपडेशन के चलते अधिकांश को अब मनचाहे राशन डीलर के यहां से राशन सामग्री नहीं मिल पा रही है। अभी उपभोक्ताओं को वहीं से राशन सामग्री मिल रही है, जिस राशन डीलर के यहां पर पोश मशीन में उपभोक्ता ने आधार व राशन कार्ड नम्बर को अपडेशन कराया था।


जानकारी के अनुसार एपीएल को छोड़े सभी बीपीएल, स्टेट बीपीएल एवं अन्त्योदय के खाद्य सुरक्षा सूची में पात्रता रखने वाले परिवारों को एक रुपए प्रति किलो गेहंू देने की घोषणा के बाद राशन डीलरों की पॉश मशीनों में अपडेशन किया जा रहा है। अपडेशन में एक गांव के कई उपभोक्ताओं के राशन दूसरे गांव के राशन डीलर की मशीन में अपडेट हो रहे हैं। इससे राशन डीलर एवं उपभोक्ता दोनों ही परेशान है। कई उपभोक्ताओं के नाम तो दस-दस किलोमीटर दूर के गांव के राशन मशीन में अपडेट हो गए हैं। अब उपभोक्ता अपनी राशन सामग्री लेने पहले जिस राशन डीलर के पास जाता था, वहां की मशीन उसका आधार कार्ड नम्बर व राशन कार्ड नम्बर एन्टर करने पर दूसरे राशन डीलर की मशीन में बता रही है।


राशनडीलरों के अनुसार पॉश मशीनों में अपडेशन के चलते सभी परेशान हैं। अब तक कोई भी राशन उपभोक्ता प्रदेश के किसी भी जिले के किसी भी राशनडीलर के पास से अपनी रसद सामग्री ले सकता था, लेकिन अब उपभोक्ताओं के सामने परेशानी आ रही है।

इनको तो दो रुपए किलो ही मिलेंगे गेहंू
बीपीएल, स्टेट बीपीएल एवं अन्त्योदय राशनकार्डधारी उपभोक्ताओं को तो अब 1 रुपए किलो ही गेहूं मिलेंगे, लेकिन एपीएल राशनकार्डधारी परिवारों को 2 रुपए किलो ही गेहूं मिला करेगा।
5 किलो प्रति सदस्य मिलता है गेहूं: खाद्य सुरक्षा सूची में पात्रता रखने वाले राशन कार्ड में प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं प्रति माह मिलता है। हालांकि सरकार की इस योजना से ग्रामीणों को अच्छा लाभ मिल रहा है। आज जिले की स्थिति यह है कि पानी की कमी के कारण पचास फीसदी हिस्से में भी किसानों की भूमि में रबी की पैदावार नहीं है। ऐसे में राशन के गेहूं से हजारों परिवारों को रोटी मिल रही है।

ढाई लाख परिवार होते हैं लाभान्वित
खाद्य सुरक्षा सूची में जिले के करीब 2 लाख 65 हजार 55 उपभोक्ता हैं। इन परिवारों के करीब 12 लाख उपभोक्ताओं को प्रति माह पांच- पांच किलो गेहूं दिए जाते हैं। वहीं जिलेभर में राशन डीलर व सहकारी समितियों में करीब 779 दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों पर प्रति माह करीब 58 हजार क्विंटल गेहूं आता है।, लेकिन पिछले दिनों से कई उपभोक्ताओं को यह समस्या सता रही है।

जिला रसद अधिकारी दौसा रामचरण मीना ने बताया कि मशीनों में अपडेशन के कारण पूरे प्रदेश में ही समस्या आ रही है। शीघ्र ही राशन उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान हो जाएगा। पहले की तरह ही उपभोक्ता किसी भी राशन डीलर से राशन सामग्री ले सकता है।


फैक्ट फाइल
1. खाद्य सुरक्षा सूची में परिवार - 265055
2. राशन की दुकानें-779
3. प्रति माह राशन सामग्री- 58 हजार क्विंटल
4. प्रति व्यक्ति गेहूं- 5 किलो

Rajendra Jain
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