मण्डियों में विवाद के बाद हड़ताल

पल्लेदारों ने की मजदूरी बढ़ाने की मांग

By: Rajendra Jain

Updated: 03 Jan 2020, 01:44 PM IST

बांदीकुई. शहर के सिकंदरा रोड स्थित कृषि उपज मण्डी में गुरुवार को मजदूरी बढ़ाने को लेकर उपजे विवाद के चलते पल्लेदारों ने काम का बहिष्कार कर हड़ताल कर दी। इसके चलते जिंस की नीलामी नहीं हो सकी। हड़ताल से किसान व व्यापारियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि व्यापारियों व पल्लेदारों की समझौता वार्ता भी हुई, लेकिन सहमति नहीं बनने से वार्ता विफल रही।
पल्लेदारों ने बताया कि कृषि उपज मण्डी समिति में प्रतिवर्ष 1 जनवरी को पल्लेदारों की 10 फीसदी मजदूरी बढ़ती आई है, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी व्यापारियों की ओर से मजदूरी नहीं बढ़ाई जा रही है। जबकि जिंस की छणाई की भी अलग से कोई मजदूरी नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर मण्डी समिति प्रशासन को भी दोनों मांगें नहीं माने जाने पर हड़ताल से अवगत करा दिया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्र से जिंस लेकर आए किसानों को निराश होना पड़ा और स्वयं को ही जिंस उतारकर फुटपाथ पर रखना पड़ा। वहीं काश्तकारों को जिंस की नीलामी नहीं होने से अन्य मंडियों में बेचने के लिए जाना पड़ा। मण्डी परिसर में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और कांटे झुके दिखाई दिए। दोपहर को मण्डी परिसर स्थित मंदिर में व्यापार मण्डल की बैठक अध्यक्ष भगवानसहाय चौधरी की अध्यक्षता में हुई। इसमें मण्डी हड़ताल को लेकर व पल्लेदारों की मजदूरी बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में पल्लेदार संघ अध्यक्ष सीताराम व महामंत्री भगवानसहाय सहित पल्लेदारों को वार्ता करने के लिए बुलाया गया। वार्ता में पल्लेदार किसानों के जिंस को नहीं छानने व जिंस की छनाई करने पर अलग से मजदूरी दिए जाने की मांग पर अड़ गए। करीब एक घण्टे तक चली वार्ता में सहमति नहीं बनने पर असफल रही। बैठक में व्यापारियों ने मण्डी की करीब आधा दर्जन दुकानों में बिजली सप्लाई बाधित होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि बिजली के नहीं आने से खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर कई बार मण्डी समिति प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया, लेकिन अभी तक सप्लाई में सुधार नहीं हुआ है।
बैठक में व्यापारी संतोष बटवाड़ा, कैलाशचंद ठाकुरिया, चिम्मन ताम्बी, उत्तमचंद जैन, जगदीश केशोपुरा, कैलाश अग्रवाल, सुभाषचंद अग्रवाल,टिम्मी ठाकुरिया भी मौजूद थे।

व्यापारियों ने मण्डी बंद रखी
लालसोट. कृषि मण्डी में भारतीय पल्लेदार मजदूर संघ द्वारा बुधवार को मजदूरी बढ़ाने के निर्णय करने के विरोध में गुरुवार को व्यापारियों ने मण्डी में हड़ताल
कर दी।
ग्रेन मर्चेण्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नवल झालानी ने बताया कि पल्लेदार संघ की मनमानी के कारण मण्डी के व्यापारियों ने काम काज बन्द रखा। पल्लेदारों को मजदूरी बढ़ाने का निर्णय आपसी सहमति से करना चाहिए। मनचाही मजदूरी बढ़ाने का एक तरफ ा फैसला गलत है। मजदूरी बढ़ाने की जिम्मेदारी कृषि उपज मण्डी समिति सचिव की है। मण्डी जो दर निश्चित कर देंगी, वह व्यापारियों को मान्य रहेगी। किसानों का भी ध्यान रखना चाहिए। कृषि जिंसों की तुलाई आदि का भुगतान किसान ही करता है। इससे किसानों पर आर्थिक भार बढ़ेगा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों की वार्ता शुक्रवार को मण्डी समिति सचिव से होगी।
वहीं पल्लेदार संघ के अध्यक्ष हीरालाल सैनी ने कहा कि मण्डी में पल्लेदार बढ़ी हुई 40 प्रतिशत मजदूरी में कार्य करने को तैयार है। उनकी तरफ से मण्डी बन्द नहीं है। इस बढ़ी दर पर व्यापारी मण्डी में उनसे कार्य कराते हैं तो वे मना नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि दो वर्ष के बाद मण्डी में मजदूरी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इधर, मण्डी समिति सचिव ममता गुप्ता ने बताया कि ग्रेन मर्चेण्ट एसोसिएशन एवं पल्लेदार संघ के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए शुक्रवार को बुलाया गया है। आपसी सहमति के बाद ही मजदूरी बढ़ाई जाएगी।(नि.सं.)


जुर्माना वसूली के बाद छोड़ा ट्रक
लालसोट. शहर की कृषि उपज मंडी से अवैध रूप से जिंस भर कर बाहर ले जाते पकड़े गए एक मिनी ट्रक को मंडी प्रशासन ने जुर्माना वसूली के बाद छोड़ दिया है। मंडी सचिव ममता गुप्ता ने बताया कि मंडी नियमों के अनुसार सात हजार का जुर्माना वसूला गया। मंडी परिसर में अवैध रूप से बाहर जिंस ले जाने के मामले की जंाच जारी रहेगी। गौरतलब है कि बुधवार सुबह मंडी गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों ने एक मिनी ट्रक को पकड़ा था। चालक ने 129 कट्टे बाजरे का बिल उन्हें दिखाया, लेकिन ट्रक में 195 कट्टे बाजरा व 64 कट्टे चना भरा था। (नि.प्र.)

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