चीनी की मिठास में कड़वाहट

आंखें मूंदकर बैठा है प्रशासन, सात माह से वंचित जरूरतमंद

By: pramod awasthi

Published: 12 Nov 2017, 08:24 AM IST

प्रमोद अवस्थी

बांदीकुई. भले ही राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जिले के जरूरतमंद एवं पात्र लोगों को राशन सामग्री मुहैया कराने का ढिंढोरा पीट रही हो, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। जिले में गत करीब 7 माह से पात्र लोगों को चीनी से वंचित होना पड़ रहा है। ऐसे में अब चीनी की मिठास में खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल पात्र लोगों को कड़वाहट आने लगी है। आए दिन पात्र लोग राशन विक्रेताओं के पास जाकर चीनी की मांग करते हैं, लेकिन कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया जाता है। प्रशासन पूरी तरह आंखे मूंदकर बैठा हुआ है। ऐसे में अब लोगों की चीनी मिलने की उम्मीद टूटती दिखाई दे रही है। हालांकि विभागीय अधिकारी राज्य सरकार के स्तर पर आवंटन नहीं होना बता रहे हैं।

 


दौसा जिले में गत मार्च 2017 में पात्र लोगों को चीनी मुहैया कराई गई थी, लेकिन इसके बाद से अभी तक चीनी का आवंटन नहीं हुआ है। यह चीनी आर्थिक रूप से कमजोर (बीपीएल) एवं अंत्योदय में चयनित पात्र लोगों को देय है, लेकिन चीनी का आवंटन नहीं होने व वितरण नहीं होने से त्योहारों पर भी लोगों को बाजार से महंगी दरों पर चीनी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है।


सूत्रों के मुताबिक दौसा जिले में कुल बीपीएल 54 हजार 871 परिवार हैं, जबकि स्टेट बीपीएल 9169 एवं 9528 अंत्योदय परिवार हैं। इसमें बांदीकुई तहसील क्षेत्र में 8 हजार 265 परिवारों के 38 हजार 337 लोग योजना के तहत पात्र हैं।


सिकराय तहसील क्षेत्र में 11 हजार 540 परिवारों के 55 हजार 288 लोग पात्र हैं। खास बात यह है कि क्रय-विक्रय सहकारी समिति के गोदाम में तो लम्बे समय से चीनी रखी भी हुई है, लेकिन विभागीय अधिकारियों के आवंटन नहीं किए जाने से यह चीनी गोदाम में रखी समिति की शोभा बढ़ा रही है।

 


कनेक्टीविटी तो कभी फिंगर नहीं


उपभोक्ताओं का कहना है कि राशन सामग्री प्राप्त करने के लिए राशन विक्रेता के पास दो से तीन बार चक्कर काटने पर मिलती है। कभी पोस मशीन में कनेक्टीविटी नहीं मिलती है तो कभी फिंगर प्रिंट नहीं आते हैं। ज्यादा परेशानी बुजुर्ग महिला व पुरुषों को होती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। यह परेशानी ग्रामीण क्षेत्र में अधिक आती है। जहां इंटरनेट सेवा बाधित रहती है या फिर पहाड़ी क्षेत्र है। ऐसे में उपभोक्ता प्रशासन को कोसते दिखाई देते हैं, लेकिन शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं की जाती है।

 

जीएसटी की झेलनी पड़ेगी दोहरी मार


सूत्रों के मुताबिक अब रसद विभाग की ओर से प्रति यूनिट 500 ग्राम चीनी देय होगी। यह चीनी भी 25.20 रुपए किलोग्राम के हिसाब से देय होगी। इसमें जीएसटी भी लागू की गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं पर जीएसटी की मार पडऩे से आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ेगा। प्रति किलोग्राम चीनी पर 1.20 रुपए के हिसाब से जीएसटी देय होगी, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर इन लोगों को जीएसटी से वंचित रखना चाहिए था। हालांकि जिला स्तर पर अप्रेल माह 2017 की चीनी का आवंटन किया जाने की कार्रवाई जारी होना बताया जा रहा है।


'अंधेर नगरी चौपट राजा


बीपीएल सूची में शामिल आशापुरा निवासी रमेशचंद बैरवा, हुकमचंद नया बास, दयाराम श्यालावास कलां एवं हाई स्कूल के पीछे निवासी सुनीता बैरवा ने बताया 7 माह से चीनी का वितरण नहीं हो रहा है। कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी आगे से आवंटन नहीं होने की बात कहकर टरका देते हैं। जब राशन विक्रेताओं से पूछते हैं तो कहते हैं चीनी का आवंटन बंद हो गया है। दीपावली भी बाजार से महंगी दर पर चीनी खरीदकर त्योहार मनाना पड़ा। उन्होंने बताया कि कभी केरोसिन का आवंटन नहीं किया जाता है तो कभी गेहूं आवंटन में कटौती कर दी जाती है।


पार्षद सीमा चौधरी का कहना है कि प्रत्येक माह भी 25 से 30 फीसदी राशन विक्रेता सामग्री से वंचित हो जाते हैं। इसको लेकर गत दिनों एसडीओ को भी ज्ञापन सौंप कर वस्तुस्थिति से अवगत करा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। उन्होंने बताया कि जब योजना का समुचित लाभ ही नहीं मिल रहा तो फिर योजना संचालित किए जाने का क्या औचित्य है।


आवंटन नहीं होने से हुई है समस्या


राज्य स्तर पर चीनी का आवंटन नहीं होने के कारण वितरण नहीं हो सका। चीनी का आवंटन का मामला राज्य स्तर का है।
सुरेन्द्रसिंह, कार्यवाहक जिला रसद अधिकारी (एसीईओ जिला परिषद दौसा)


झगड़े पर उतारू हो जाते हैं उपभोक्ता


छह माह से चीनी नहीं आई है। गेहूं के आवंटन में भी प्रतिमाह कटौती कर दी जाती है। कई बार केरोसिन भी आवंटन नहीं हुआ। उपभोक्ताओं को सामग्री नहीं मिलने पर विरोध करते हैं और झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। इस बारे में राशन विक्रेता संघ की ओर से जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप वस्तुस्थिति से अवगत करा चुके हैं।
दीपक बैरवा, तहसील अध्यक्ष राशन विक्रेता संघ बांदीकुई

pramod awasthi Reporting
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