विचाराधीन कैदी ने रोडवेज बस से कूदकर किया भागने का प्रयास

बसवा तहसीलदार की जीप से घायल कैदी को पहुंचाया चिकित्सालय, मनो चिकित्सक को दिखाकर उपकारागृह ले जाते समय की है घटना

By: Mahesh Jain

Updated: 16 Oct 2019, 08:52 PM IST

बांदीकुई. The undertrial tried to escape by jumping from a roadways bus सवाई मानसिंह चिकित्सालय जयपुर में बुधवार को मनोचिकित्सक को दिखाकर विचाराधीन कैदियों को वापस उपकारागृह ले जाते समय कौलाना में एक कैदी ने बस की खिड़की से कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच सामने से आ रहे बसवा तहसीलदार ओमप्रकाश गुर्जर ने चोटिल कैदी को देख वाहन रोक लिया और कैदी को उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। जानकारी के अनुसार सिकंदरा थाना पुलिस की ओर से गत दिनों स्मैक के मामले में भरतसिंह निवासी कोटा व फतेहसिंह निवासी सिकंदरा को गिरफ्तार किया गया था।

इस मामले में न्यायालय ने गत 14 अक्टूबर 2019 को दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में उपकारागृह कौलाना भेज दिया। सूत्रों के बताए अनुसार दोनों के नशे के आदि होने के कारण सुबह चालानी गार्ड विचाराधीन कैदी भरतसिंह व फतेहसिंह को मनो चिकित्सक को दिखाने के लिए जयपुर लेकर गए थे। जहां से जांच कराकर वापस उपकारागृह कौलाना लौटते समय उपकारागृह से कुछ ही दूरी पर फतेहसिंह बस की खिड़की से कूदकर भागने लगा, लेकिन विचाराधीनन कैदी चोटिल होने के कारण भागने में सफल नहीं हुआ।

इसी बीच बसवा की ओर से तहसीलदार वाहन से आ रहा था तो कैदी को देख वाहन रोक लिया और चोटिल कैदी फतेहसिंह को वाहन में बैठाकर कर चिकित्सालय में भर्ती कराया।जबकि दूसरे कैदी भरतसिंह को उपकारागृह में भेज दिया। हालांकि इस सम्बंध में देर शाम तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच मामले की जांच में जुट गई।


सुरक्षा को लेकर बना रहता है खतरा
उपकारागृह कौलाना में विचाराधीन कैदियों को पेशियों पर बांदीकुई, सिकराय एवं अन्य न्यायालय में ले जाने पर भी सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है। क्योंकि उपकारागृह प्रशासन के पास कोई वाहन सुविधा नहीं है। ऐसे में पेशी पर कैदियों को ले जाने पर जेल के बाहर काफी देर तक वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद निजी वाहन या फिर रोडवेज में सवार होकर न्यायालय पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपकारागृह कौलाना बांदीकुई से करीब 6 किलोमीटर दूर हाइवे पर स्थित है।


गोद में लेकर पहुंचाया चिकित्सालय
विचाराधीन घायल कैदी को लेकर बसवा तहसीलदार का वाहन चिकित्सालय पहुंचा तो वहां गेट पर कचरा निस्तारण का वाहन फंस गया। इसके चलते करीब 10 मिनट तक तो इंतजार किया। बाद में चोटिल हुए कैदी को गोद में लेकर चिकित्सालय के वार्ड में ले जाया गया। जहां चिकित्साकर्मियों ने उपचार शुरू किया। खास बात यह है कि आए दिन चिकित्सालय के बाहर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे मरीजों व उनके परिजनों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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Mahesh Jain Bureau Incharge
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