सड़क दुर्घटना लील गई तीन पीढिय़ां, हादसे से हर कोई स्तब्ध

सड़क दुर्घटना लील गई तीन पीढिय़ां, हादसे से हर कोई स्तब्ध

gaurav khandelwal | Publish: Sep, 03 2018 08:40:05 AM (IST) Dausa, Rajasthan, India

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महुवा. महुवा ग्रामीण. जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आंतरहेड़ा गांव के समीप कार और कंटेनर की भिड़ंत एक परिवार की तीन पीढिय़ों को लील गया। हादसे में दम्पती के साथ उनका पुत्र व पौत्र की मौत से हर कोई स्तब्ध हो गया। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी, कि कार के परखच्चे उड़ गए। आढ़त व्यापारी भगवान सहाय के परिवार पर हादसे से कहर टूट पड़ा। पुलिस ने सीएचसी में पोस्टमार्टम करा चारों शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए।

 

 

दुर्घटना के बाद पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने हाईवे निर्माण कंपनी आईजेएम के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने हाईवे निर्माण कम्पनी अधिकारियों को दुघर्टनाग्रस्त स्थानों को चिह्नित कर उन स्थानों पर सुरक्षा के स्थाई प्रबंध करने के निर्देश दिए। साथ ही हाइवे पर घूमने वाले आवारा गोवंश को पकड़ कर गोशाला भिजवाएं।

 


अस्पताल में भीड़


सड़क हादसे में व्यापारी भगवान सहाय एवं उसके परिवार की दुर्घटना में मौत की खबर फैलते ही महुवा सीएचसी में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। जिसने भी सुना वह अस्पताल की ओर दौड़ पड़ा। वहीं अपनों की मौत की खबर सुकर अस्पताल में पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उनकी चीख पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। लोग परिजनों को ढांढस बंधाने में लगे हुए थे।

 


कर दिए बाजार बंद


आढ़त व्यापारी व उसकी पत्नी, बेटा व पौत्र की मौत की खबर से महुवा व बालाहेड़ी कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारियों ने हादसे की खबर सुनते ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही चारों शव बालाहेड़ी पंहुचे तो वहां भी भारी भीड़ जमा हो गई। एक साथ चार- चार शवों को देखकर घर मेंं कोहराम मच गया।

 


सुनाई खरी-खोटी


गोवंश के कारण जिस परिवार की जान गई, उस परिवार के लोगों को अस्पताल में सांत्वना देने आए जनप्रतिनिधियों को लोगों ने खरी-खोटी सुनाई। लोगों ने बताया कि हाइवे एवं अन्य सड़कों पर बड़ी संख्या में गोवंश मौत बन कर मण्डराता रहता है, लेकिन कोई इस समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। आवारा घूमते गोवंश से आए दिन सड़क दुघर्टनाएं हो रही है।

 


बुझ गया परिवार का चिराग


मृतक भगवान सहाय मूलत: बालाहेड़ी कस्बे का निवासी है। महुवा अनाज मंडी में उनकी आढ़त की दुकान है। हाल में उसका परिवार महुवा के विवेकान्द कॉलोनी में रहता है। उनके इकलौता बेटा दीपक था। दीपक के भी एक बेटा व एक बेटी थी। अब उनके चले जाने के बाद परिवार में पीछे सिर्फ मां और बेटी ही रह गई है। जानकारी के अनुसार व्यापारी ने एक-डेढ़ महीने पहले ही नई कार खरीदी थी।


दो चिताओं पर जली चार अर्थियां


हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी में चारों अर्थियों जैसे ही एक साथ उठी तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू थे। भगवानसहाय व पत्नी चन्द्रकला को एक चिता पर और बेटे दीपक व बेटे लक्ष्य को एक चिता पर मुखाग्नि दी गई। भगवानसहाय के दो भाइयों ने मुखाग्नि दी।

 


नहीं जले चूल्हे


घटना के बाद बालाहेड़ी के घरों में चूल्हे ही नहीं जले। भगवानसहाय का परिवार मूलत: बालाहेड़ी का रहने वाला है और हाल महुवा में निवास करता है। तीन पीढिय़ों की एक साथ मौत के बाद महुवा व बालाहेड़ी में चूल्हे नहीं जले।

 


बंधाया ढांढस


घटना की जानकारी मिलने पर विधायक ओमप्रकाश हुड़ला, उपखंड अधिकारी योगेश डागुर, सीओ राजेन्द्र सिंह, पूर्व जिलाप्रमुख अजीतसिंह, पूर्व प्रधान राजेन्द्र मीना, प्रधान मीरा मीना, नगरपालिका चेयरमैन विजयशंकर बौहरा, शंकर हुड़ला, हरदेव पावटा, सूरमा सिंह, छोटूराम, घनश्याम बालाहेड़ी, सीताराम समलेटी, विमल जैन, अशोक फुलमुंडा व हरिओम सिंहल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंच कर परिजनों को ढांढस बंधाया।

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