कन्हैया दंगल सुनने उमड़े ग्रामीण

Villagers gathered to hear Kanhaiya Dangal: मण्डलियों ने धार्मिक कथाओं का हरिकीर्तन के माध्यम से विस्तार से वृतांत सुनाया

मेहंदीपुर बालाजी. ब्रह्मबाद गांव में सोमवार को एक दिवसीय कन्हैया दंगल का समापन हुआ। इसमें ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। दंगल में गांवड़ी, उदैई, मोहनपुर, ब्रह्मबाद सहित अनेक स्थानों की मण्डलियों ने धार्मिक कथाओं का हरिकीर्तन के माध्यम से विस्तार से वृतांत सुनाया। गांवड़ी की मण्डली ने सीता-हरण की कथा, ब्रहम्बाद की मण्डली ने शिवजी के विवाह की कथा, उदैई की मण्डली ने शांतनु राजा की कथा एवं मोहनपुर की मण्डली ने राजा हरिश्चन्द्र की मनमोहक कथाओं की प्रस्तुति दी।

Villagers gathered to hear Kanhaiya Dangal


गेरोटा में पद दंगल का समापन


गीजगढ़. ग्राम पंचायत डेडा बसेड़ी के गेरोटा गंाव की लाल कुंआ ढाणी मेतीन दिवसीय पद दंगल का समापन सोमवार को भण्डारे के साथ हुआ।दंगल में डेडान सिकराय, नांदरी, खूंटड़ा सवाईमाधोपुर, गेरोटा खेड़ापति सहित आधा दर्जन दंगल पार्टी के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक पौराणिक कथा व लोक गीत सुनाकर श्रोताओं को जमकर लुभाया। भण्डारे में सैकडों लोगो ने प्रसादी ग्रहण की ।

राधावल्लभ मंदिर का होगा जीर्णोद्धार


बांदीकुई. श्रीराधावल्लभ सेवा समिति की बैठक सोमवार को हुई। इसमें शहर के आराध्यदेव राधावल्लभ मंदिर का जीर्णोद्धार किए जाने का निर्णय लिया गया। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई। मंदिर परिसर में समिति पदाधिकारियों ने वैदिक मंत्रो"ाार के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि राधावल्लभ मंदिर शहर के लोगों की आस्था का केन्द्र हैं। लोगों में भी मंदिर जीर्णोद्धार को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। कुछ लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग भी दिया। कृषि उपज मण्डी समिति व्यापार मण्डल अध्यक्ष भगवानसहाय चौधरी, मंदिर पुजारी जितेन्द्र मुद्गल, दामोदर मुदगल, राकेश चौधरी, हितेश रावत, अंकुश माचीवाल, पंडित श्रीकष्ण शास्त्री, महेश सैन, पवन ताम्बी एवं नवीन झालानी भी मौजूद थे।

ईश्वर एक, रूप अनेक-शास्त्री

कठनाडी(बडिय़ाल कलां). ग्राम कठनाड़ी स्थित शिव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ में वंृदावन धाम के केदार शास्त्री ने कहा कि ईश्वर एक है, लेकिन उसके रूप अनेक हैं। ईश्वरीय आराधना से ही मनुष्य का कल्याण संभव है। भगवान की भक्ति वन में ही नहीं अपितु घर में भी की जा सकती है। स"ो मन से याद करने पर ईश्वर भक्तों की मदद अवश्य करता है। ईश्वर सर्वत्र व्याप्त है। बिना ईश्वर की मर्जी के कुछ भी संभव नहीं है। उन्होने कहा कि हमेशा मनुष्य को सद्कर्म करने चाहिए। पाप कर्मों का त्याग करना चाहिए। भजनों पर श्रोता झूम उठे। शास्त्री ने सृष्टि वर्णन, धु्रव चरित्र एवं वामन अवतार की कथा भी सुनाई।

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gaurav khandelwal Desk
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