- Rajasthan Budget 2019 .... पानी मिलेगा, उद्योग खुलेंगे, बनेगी नई नीतियां

- Rajasthan Budget 2019 .... पानी मिलेगा, उद्योग खुलेंगे, बनेगी नई नीतियां

Rajendra Kumar Jain | Updated: 11 Jul 2019, 11:45:11 AM (IST) Dausa, Dausa, Rajasthan, India

राज्य बजट में शहरों के साथ गांवों का भी रखा विशेष ध्यान...

दौसा. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट भाषण में दौसा को पानी व औद्योगिक एवं सिलिकोसिस निति बनाने की घोषणा की। दौसा जिले की सबसे बड़ी समस्या पानी की है। कहा जाता है कि पानी है तो सब सम्भव है। मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में दौसा जिले के लिए बनाई जा रही ईसरदा बांध परियोजना से सभी गांवों को जोडऩे का एलान किया है। इसके लिए उन्होंने 3 हजार 159 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तत्कालीन सरकार ने दौसा में पानी की समस्या के समाधान के लिए ईसरदा बांध बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद भाजपा सरकार बनी।
- Rajasthan Budget 2019.... भाजपा ने ईसरदा बांध के लिए रिवाइज बजट आवंटित किया था। इसके बाद बांध निर्माण खटाई में चला गया था। अब पिछले महीने से बांध का निर्माण कार्य शुरू हो गया। इसके बाद यहां के विधायक ने पिछले दिनों आए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री से बांध निर्माण के साथ ही पाइप लाइन बिछाने की मांग की थी। अब 10 जुलाई को मुख्यमंत्री गहलोत ने पानी सप्लाई के लिए टैंक व पाइप लाइन बिछाने के लिए बजट स्वीकृत कर दिया है।
- Rajasthan Budget 2019.. बनेगी राजस्थान एम-सेण्ड नीति
दौसा जिले में बजरी का अवैध खनन व अवैध परिवहन भी पैर पसारता जा रहा है। सवाईमाधोपुर की बनास नदी से अवैध तरीके से निकाली जा रही बजरी का दौसा, अलवर, भरतपुर, उत्तर प्रदेश के कई जिलों एवं दिल्ली तक परिवहन हो रहा है। इस परिवहन से पुलिस ही नहीं खनन विभाग एवं परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार फैल रहा है। कई इमानदार लोग भी भ्रष्टाचार का शिकार हो रहे हंै। बजरी के नए-नए माफिया पैदा हो रहे हैं। यही नहीं दौसा जिले से गुजर रही बाणगंगा नदी का इलाका भी खोखला होता जा रहा है। यदि सरकार राजस्थान एम-सेण्ड नीति 2019 बनाती है तो निश्चित ही इस समस्या का समाधान होगा।
- Rajasthan Budget 2019 .... केन्द्र सरकार की ईस्ट राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट योजना भी दौसा जिले में होकर गुजर रही है। यदि सरकार योजना को अमलीजामा पहनाती है तो दौसा जिले को इससे बड़ा फायदा होगा। इसके लिए कई बड़े राजनेता भी प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने इस महत्वाकांक्षी योजना जिसकी लागत करीब 37 हजार करोड़ रुपए है उससे राज्य में पानी की कमी एवं भौगोलिक स्थिति को मध्यनजर रखते हुए केन्द्र सरकार से इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिलाने के लिए अपील करने की घोषणा की है। यदि केन्द्र सरकार राज्य सरकार की इस योजना की अपील को मान लेती है तो यह पूर्वी राजस्थान के लिए वरदान साबित होगी। मुख्यमंत्री ने दौसा जिले में औद्योगिक विकास की गति को बढ़ावा देने के लिए रीको के माध्यम से औद्योगिक इकाइयां खुलवाने का भरोसा दिलाया है।
उल्लेखनीय है कि दौसा जिला औद्योगिक विकास में काफी पिछड़ा हुआ है। जबकि यहां होकर दो-दो हाइवे गुजर रहे हैं। यहां के लोग रोजगार के लिए बड़े शहरों में जाते हंै, यदि यहां का औद्योगिक तानाबाना अच्छा हो तो लोगों को यहीं पर रोजगार मिले जाए। दौसा का नाम खादी में भी बड़ा है। खादी संस्थाओं को दस वर्ष के लिए 3 करोड़ रुपए रिवोलविंग फण्ड उपलब्ध कराया था, जिसकी राशि मुख्यमंत्री ने बढ़ाकर अब 10 करोड़ रुपए कर दी है। इससे खादी को बढ़ावा मिलेगा।
दौसा में खादी का बड़ा कारोबार है तथा हजारों लोग इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। बजट में बांदीकुई के महाविद्यालय का सरकारी करण व महुवा में केन्द्रीय बस स्टैण्ड चालू करने की उम्मीद थी लेकिन इस बारे में घोषणा नहीं हुई।

- Rajasthan Budget 2019 .... सिलिकोसिस नीति से मिलेगी राहत
यहीं नहीं मुख्यमंत्री ने दौसा की एक बड़ी समस्या सिलिकोसिस है। यहां पर अधिकांश औद्योगिक इकाइयां पत्थर व्यवसाय से जुड़ी हैं। जिनमें काम करने वाले श्रमिक सिलिकोसिस बीमारी से ग्रसित होकर अपनी जान गंवा रहे हंै। अब मुख्यमंत्री द्वारा सिलिकोसिस निति बनाने से श्रमिकों को तो राहत मिलेगी ही साथ ही औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।

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