हाईकमान से दायित्व आवंटन का आदेश मिलने के बाद इस धर्मसंकट में फंसी रावत सरकार!

दायित्व के मुद्ये पर बात करते हुए प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि सूची सररकार को सौंप दी गई है। अब सरकार फाइनल करे किसे दायित्व देना है। संगठन ने अपना काम पूरा कर दिया है...

By: Prateek

Published: 20 Jul 2018, 06:05 PM IST

(पत्रिका ब्यूरो,देहरादून): सरकार और संगठन को लेकर हाईकमान की दिल्ली में चली ‘पंचायत’ के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि अब संभवत: सरकार और संगठन के बीच दूरियां कम हो जाएंगी। लेकिन एेसा नहीं हो पाया। दरअसल हाईकमान ने मुख्यमंत्री से कहा है कि उत्तराखंड के हालात को समझते हुए 20 से 25 दायित्व ही भाजपा कार्यकर्ताआें के बीच आवंटित किए जा सकते हैं।

 

धर्मसंकट में फंसी रावत सरकार

इधर संगठन ने पहले से तैयार करीब 3500 भाजपा कार्यकर्ताआें की सूची मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सौंप दी। अब संगठन हाईकमान का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर पिछले 24 घंटे से लगातार दबाव बनाए हुए है कि सूची में शामिल करीब 3500 कार्यकर्ताआें को तुरंत दायित्व आवंटित कर दिए जाएं। जबकि सरकार का कहना है कि हाईकमान ने जरूरत के मुताबिक 20 से 25 भाजपा कार्यकर्ताआें को ही दायित्व बांटने को कहा है। सरकार ने संगठन से शुक्रवार को स्पष्ट कहा है कि केवल भाजपा के 25 वरिष्ठ कार्यकर्ताआें के नाम ही फिर से दिए जाएं। वर्तमान सूची में शामिल सभी भाजपा कार्यकर्ताआें को दायित्व में एडजस्ट करना काफी कठिन है।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उठाया था मुद्या

असल में बीते दिनों भाजपा हाईकमान के समक्ष भाजपा के प्रदेश के अध्यक्ष अजय भट्ट ने भाजपा कार्यकर्ताआें को दायित्व आवंटन में हो रही देरी का मुद्दा उठाया था। भट्ट ने यह भी कहा था कि दायित्व नहीं मिलने की वजह से कार्यकर्ताआें में काफी नाराजगी है। लिहाजा कार्यकर्ताआें की नाराजगी दूर करने के लिए तत्काल प्रभाव से भाजपा कार्यकर्ताआें को दायित्व बांटे जाएं। भट्ट ने भाजपा हाईकमान से यह भी कहा था कि कार्यकर्ताआें को दायित्व नहीं मिलेंगे तो इसका प्रभाव वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर पडऩे की संभावना है। बीते सवा साल से किसी भी कार्यकर्ताआें को सरकार की आेर से दायित्व नहीं बांटे गए हैं।

 

दायित्व आवंटन की तिथि घोषित नहीं

सरकारी प्रवक्ता मदन कौशिक ने शुक्रवार को कहा कि दायित्व बांटे जाएंगे। लेकिन कब बांटे जाएंगे। इसकी कोई तिथि तय नहीं है। कौशिक ने कहा कि 3500 कार्यकर्ताआें को एक साथ दायित्व बांटना संभव नहीं है। सरकार संगठन द्वारा पेश की गई सूची पर जरूर विचार करेगी। लेकिन दायित्व वही बांटे जाएंगे जो बेहद जरूरी हैं। दायित्व के चक्कर में सरकार कोई नया पद सृजन नहीं करेगी। इससे सरकार पर काफी खर्च बढ़ेगा। वैसे भी सरकार की माली हालत काफी खराब है। माली हालत को सुधारने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।


माना जा रहा है कि सरकार और संगठन में दायित्व को लेकर जिस तरह से टकराव बढ़ रहा है उससे एेसा लग रहा है कि दायित्व अब अक्टूबर तक ही भाजपा कार्यकर्ताआें के बीच बांटे जाएंगे। दिल्ली में सरकार और संगठन के बीच हुए समझौते के तहत माना यह जा रहा था कि अगस्त तक कुछ न कुछ दायित्व भाजपा कार्यकर्ताआें को मिल जाएंगे। लेकिन 3500 हजार की सूची आने के बाद दायित्व की उम्मीद टलती दिख रही है।


अमित शाह ने लगाई फटकार

असल में दिल्ली में हुई पंचायत के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संगठन को जमकर फटकार लगाई थी और मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाई थी जिससे संगठन काफी आहत है। संगठन कोई न कोई बहाना खोजकर सरकार पर हमला करता रहता है। इस क्रम में ही दायित्व आवंटन को संगठन ने बड़ा मुद्दा बनाया है। साथ ही सरकार को घेरने की कोशिश भी कर रहा है।


दायित्व के मुद्ये पर बात करते हुए प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि सूची सररकार को सौंप दी गई है। अब सरकार फाइनल करे किसे दायित्व देना है। संगठन ने अपना काम पूरा कर दिया है।

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