आपदा की आड़ में मुख्यमंत्री को पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों ने घेरा

आपदा की आड़ में मुख्यमंत्री को पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों ने घेरा

Prateek Saini | Publish: Sep, 04 2018 07:43:12 PM (IST) Dehradun, Uttarakhand, India

भाजपा के विधायक, मंत्री और पदाधिकारी भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को निशाना बना रहे हैं...

(पत्रिका ब्यूरो,देहरादून): उत्तराखंड में आपदा का कहर जारी है। रोज भूस्खलन और मूसलाधार बारिश की वजह से मौते हो रही हैं। संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सिंगापुर में होने की वजह से यहां के हालात काफी बिगड़ गए हैं। विपक्ष तो मुख्यमंत्री पर हमला कर ही रहा है। अब तो भाजपा के विधायक, मंत्री और पदाधिकारी भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को निशाना बना रहे हैं।


भाजपा के कुछ विधायक जिनमें भाजपा के पदाधिकारी भी शामिल हैं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर आपदा से बेहाल उत्तराखंड की आेर ध्यान आकृष्ट कराया है। पत्र में मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा का भी जिक्र है जिसमें कहा गया है कि वर्तमान परिस्थतियों में मुख्यमंत्री को अपनी टीम लेकर सिंगापुर नहीं जाना चाहिए था। क्योंकि इससे उत्तराखंड में गलत संदेश जा रहा है। कांग्रेस की तरह ही भाजपा के विधायकों ने भी कहा है कि उत्तराखंड में तबाही है और मुख्यमंत्री उद्योगपतियों को निमंत्रण देने के लिए सिंगापुर गए हैं।


कांग्रेस ने साधा निशाना

कांग्रेस भी लगातार भाजपा की सरकार पर हमला कर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि उत्तराखंड में बड़ी आपदा आई है। भूस्खलन के साथ ही साथ बाढ़ का भी खतरा बढ़ गया है। करीब 900 सडक़ें और 5 राष्ट्रीय राज मार्ग बाधित हैं। बावजूद केंद्र की आेर से किसी भी तरह की कोई मदद नहीं मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आश्वासन दिया था कि केंद्र उत्तराखंड की मदद करेगा। लेकिन अहम सवाल यह है कि केंद्र कब प्रदेश की मदद करेगा। सब कुछ तबाह होने के बाद मदद का कोई औचित्य नहीं रह जाता है।


उत्तराखंड भाजपा ने किया सीएम का बचाव

वहीं हरिद्वार सहित 10 विधान सभा क्षेत्रों के विधायकों ने भी मुख्यमंत्री की कड़ी आलोचना की है। इन विधायकों का कहना है कि उत्तराखंड में आपदा से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री अपना दौरा कम नहीं कर पा रहे है। भाजपा विधायकों के अलावा सतपाल महाराज जैसे कद्दावर मंत्रियों ने भी माना है कि सभी को आपदा में और ज्यादा सजग होने की जरूरत है। राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता है। जलमग्न जनपदों में राशन की कमी है। महाराज ने नौकरशाहों की भी आलोचना की है। सतपाल महाराज ने कहा कि नौकरशाही को कम से कम प्रभावित क्षेत्रों में दौरा करना चाहिए। लेकिन अफसर नहीं जा रहे हैं। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि काम तो नौकरशाही को ही करना है। इसमें मुख्यमंत्री का ज्यादा रोल नहीं रहता है हालांकि उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने वाले विधायकों और मंत्रियों पर एक्शन होगा।


मुख्यमंत्री जरूरी काम से सिंगापुर गए हैं। अक्टूबर में पूरे विश्व से उद्योगपतियों को उत्तराखंड बुलाया गया है। उत्तराखंड में एक बड़ा जलसा होना है। सरकार इसकी तैयारी कर रही है। उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री और सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड के 13 जनपदों में 6 जनपदों में काफी खराब स्थिति है। सरकार काफी अलर्ट है। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक 3 जनपदों में राशन और केरोसिन की व्यवस्था की जा चुकी है। शेष जनपदों में एक दो दिन के अंदर ही राशन की सप्लाई कर दी जाएगी।

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