उत्तरकाशी के 'बीज बम' ने थार में मचाया तहलका, बम फटने पर यूं उग जाता है पौधा

उत्तरकाशी के 'बीज बम' ने थार में मचाया तहलका, बम फटने पर यूं उग जाता है पौधा
उत्तरकाशी के 'बीज बम' ने थार में मचाया तहलका, बम फटने पर यूं उग जाता है पौधा

Prateek Saini | Updated: 02 Sep 2019, 07:27:13 PM (IST) Dehradun, Dehradun, Uttarakhand, India

How To Save Environment: बड़ी ही सरल तकनीक के साथ बीज बम ( Beej Bum ) तैयार किया गया है, इसकी सहायता से आप आसानी से ( New farming Techniques ) पौधा उगा सकते है। आइए जानते है यह कैसे काम करता है New plant Growing Technology ...

(देहरादून): पर्यावरण संरक्षण को लेकर रोज नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी दिशा में उत्तराखंड के उत्तरकाशी में 'बीज बम' इजाद किया गया है। बड़ी ही सरल तकनीक के साथ तैयार किया गया यह बीज बम नमी मिलते के साथ ही प्रस्फुटित हो जाता है और इसी के साथ एक नया पौधा उग जाता है। अब बीज बम अभियान चलाकर देश के अन्य राज्यों में इसके प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है।


इस तरह काम करता है 'बीज बम'

बीज बम से जुडे द्वारिका प्रसाद सेमवाल का कहना है कि यह एक सरल तकनीक है। मिट्टी, गोबर, पानी को मिलाकर एक गोला बनाया जाता है जिसके अंदर 2 बीज डाले जाते है। गोले को 4 दिन सुखाने के बाद किसी घमले या पौधे उगाए जाने वाले स्थान पर रखा जाता है। जैसे ही बम को नमी मिलती है तो वह अंकुरित हो जाता है और एक नया पौधा अस्तित्व में आ जाता है।

 

राजस्थान व उत्तराखंड समेत 8 राज्यों में चल रहे अभियान

कम लागत व खेल-खेल में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ने के लिए उत्तरकाशी की एक संस्थान ने 'बीज बम अभियान' का आगाज किया था। 3 वर्ष तक उत्तरकाशी में बीज बम का प्रयोग के बाद जुलाई माह के अंतिम सप्ताह उत्तराखंड समेत 7 राज्यों में बीज बम अभियान सप्ताह मनाया गया था। उत्तराकाशी से चले 'बीज बम अभियान' को 2 सितंबर के दिन जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के जरिए राजस्थान में भी शुरू किया गया। उम्मीद है कि पानी की समस्या से जुझने वाले राजस्थान में भी यह बीज बम कारगर साबित होगा। और आसानी से पौधे उगाकर थार में थोड़ी हरियाली होगी।

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