script पुनर्जन्म : अंत्येष्टि के तीन दिन बाद जीवित लौटे युवक का कराया नामकरण, शादी भी रचाई | The young man who returned alive three days after the funeral was name | Patrika News

पुनर्जन्म : अंत्येष्टि के तीन दिन बाद जीवित लौटे युवक का कराया नामकरण, शादी भी रचाई

locationदेहरादूनPublished: Dec 01, 2023 07:04:54 am

Submitted by:

Naveen Bhatt

उत्तराखंड में शव के अंतिम संस्कार के बाद भी जिंदा लौटा एक युवक काफी चर्चाओं में है। इस अनूठी घटना से हर कोई अचंभित है। अंतिम संस्कार के बाद भी जीवित लौटे उस युवक की परिजनों ने नामकरण, उपनयन और विवाह तक की सभी रस्में निभाई।

man_with_family.jpg
परिजनों के साथ नवीन उर्फ नारायण भट्ट
यूएस नगर जिले के खटीमा निवासी धर्मानंद भट्ट का 42 वर्षीय पुत्र नवीन भट्ट अज्ञात कारणों के चलते परिवार और बच्चों से काफी समय से अलग रहता था। बीते 25 नवंबर को परिजनों को कोतवाली से सूचना मिली थी कि सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में बीमारी के चलते नवीन की मौत हो गई है। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया था। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने मृतक की शिनाख्त करते हुए शव का बनबसा के शारदा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया था। अंतिम संस्कार के बाद घर पर मृतक का क्रिया कर्म भी शुरू कर दिया था।

वीडियो कॉल कर बताया था मै जिंदा हूं
अंतिम संस्कार के तीन दिन बाद पता चला कि नवीन जिंदा है। वह रुद्रपुर में है। बाकायदा उसने अपने परिजनों से वीडियो कॉलिंग भी की। इससे परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह उसे तत्काल घर ले आए थे। पता चला कि उन्होंने अस्पताल और पुलिस की चूक के कारण किसी अज्ञात मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।
पिंडदान के कारण निभानी पड़ी रस्में
नवीन के जीवित होने की खबर से परिजनों में खुशी का माहौल है। गुरुवार को उन्होंने हिंदू मान्यताओं के तहत नवीन का नामकरण, उपनयन से लेकर विवाह तक की रस्में पूरी कीं। मान्यता है कि पिंडदान के बाद यदि व्यक्ति जीवित लौट आता है तो उसके समस्त संस्कार दोबारा कराने पड़ते हैं। नामकरण के बाद नवीन का नाम नारायण भट्ट रखा गया।
पत्नी दोबारा हुई सुहागिन
कुछ दिन पूर्व विधवा हुई नवीन की पत्नी भी अब सुहागिन हो गई है।गुरुवार को नवीन की विधि विधान से शादी कराई गई। नवीन के जीवित लौटने से परिवार में खुशी का माहौल है। बच्चे पिता को पाकर काफी खुश हैं।
मायका पक्ष भी रहा मौजूद
गुरुवार को नवीन का नया जन्म मानते हुए घर पर विभिन्न संस्कार संपन्न कराए गए। बाकायदा टनकपुर से कन्या पक्ष के लोगों को भी विवाह में बुलाया गया था। समस्त संस्कार चार घंटे में संपन्न हुए।

ट्रेंडिंग वीडियो