​आपदा से बेहाल राज्य को छोड़कर सिंगापुर दौरे पर सीएम!...विरोधी ही नहीं अपनों के निशाने पर भी रावत सरकार

मुख्यमंत्री 6 दिवसीय दौरे पर सिंगापुर में हैं,वे आगामी 5 सितंबर की रात को देहरादून आएंगे...

Prateek Saini

September, 0402:33 PM

(देहरादून): मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपनी सलाहकार टीम के साथ सिंगापुर के दौरे पर हैं। इधर उत्तराखंड आपदा से जूझ रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री के पास ही आपदा प्रबंधन विभाग है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दौरे को काफी गंभीरता से लिया है। कांग्रेस ने कहा है कि मुख्यमंत्री को उत्तराखंड की कोई चिंता नहीं है। यदि थोड़ी बहुत भी चिंता होती, तो वे इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड को छोडक़र सिंगापुर की सैर नहीं करते।

 

लंबे समय से अलग-अलग दौरे कर रहे सीएम

असल में मुख्यमंत्री बीते एक माह से कभी गुजररात तो कभी हरियाणा या फिर कभी दिल्ली के दौरे पर रहे हैं। अब वे विदेश यात्रा पर हैं। मुख्यमंत्री के उत्तराखंड से बाहर रहने की वजह से कई तरह की समस्याएं पैदा हो रही हैं। पहली समस्या तो आपदा प्रबंधन को लेकर है। उत्तराखंड में लगातार बारिश हो रही है जिससे बाढ़ और भूस्खलन की समस्याएं बढ़ गई हैं। उत्तराखंड के 13 जनपदों में से करीब 8 जनपदों में राशन खत्म होने की स्थिति में है।

 

अपनों ने ही उठाए सवाल

सूत्रों के मुताबिक 6 जनपदों में तो 15 अगस्त को ही राशन खत्म हो चुका है। हालांकि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने आदेश दिया था कि जिन जनपदों में राशन खत्म होने वाला है ,वहां राशन की सप्लाई ठीक की जाए। लेकिन अब तक राशन की सप्लाई दुरुस्त नहीं हो पाई है। क्योंकि जल जमाव और भूस्खलन की वजह से करीब 300 सडक़ें और 400 से ज्यादा ग्रामीण मोटर मार्ग बंद पड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री के लगातार बाहर रहने से नौकरशाही भी बेपरवाह हो गई है। चूकि आपदा प्रबंधन विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए मुख्यमंत्री पर विपक्ष सहित अपनी भी पार्टी के लोग भी सवाल उठा रहे हैं।


कई विभागों का काम देख रहे सीएम

पिछले सवा साल से सत्ता पक्ष के विधायक भी भाजपा हाईकमान से मांग कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री के पास 55 से ज्यादा विभाग हैं। मुख्यमंत्री व्यस्त रहते हैं। इसलिए दो दर्जन विभाग मुख्यमंत्री से हटाकर अन्य मंत्रियों को दे देना चाहिए। लंबे समय से चली आ रही इस मांग पर भाजपा हाईकमान भी चुपी साधे हुए है। वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या आपदा को लेकर है। पूरा प्रदेश आपदा से जूझ रहा है। प्रदेश के लोगों के मन में इस बात का भय है कि कहीं वर्ष 2013 की तरह तो स्थिति उत्तराखंड में नहीं पैदा हो रही है। क्योंकि उत्तराखंड का मौसम लगातार बिगड़ रहा है। मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री का विदेश जाना कहीं से भी ठीक नहीं है।


कांग्रेस ने साधा निशाना

उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री बार बार एक ही बात कह रहे हैं कि वे निवेशकों को पटाने के मकसद से सिंगापुर के दौरे पर हैं, या फिर बंगलुरु या गुजरात का दौरा भी प्रदेश में निवेश को लेकर ही है। प्रीतम सिंह का स्पष्ट कहना है कि उत्तराखंड में तो कल कारखानों की स्थापना के लिए भूखंड ही नहीं है। ऐसे में उद्योगपति आखिर क्यों उत्तराखंड में निवेश करेंगे। उत्तराखंड में बिजली तक नहीं रहती है। कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। ऐसे में उत्तराखंड में निवेश की बात करना कहीं से भी तर्क संगत नहीं है।


सीएम का बचाव करने में जुटी उत्तराखंड भाजपा

वहीं दूसरी ओर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड आएंगे। प्रधानमंत्री उद्योगपतियों से बातचीत करेंगे। इस मकसद से मुख्यमंत्री सिंगापुर या फिर अन्य राज्यों का दौरा करने में जुटे हुए हैं। हालांकि भट्ट इतना जरूर कहते हैं कि प्रदेश में आपदा से सभी लोग बेहाल हैं। सरकार बहुत कुछ कर रही है लेकिन इससे ज्यादा फायदा नहीं हो पा रहा है। आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी किसी और मंत्री को दिए जाने की आवश्यकता है। क्योंकि मुख्यमंत्री के पास कई विभाग हैं। इसलिए वे इस विभाग पर ज्यादा समय नहीं दे पा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री 6 दिवसीय दौरे पर सिंगापुर में हैं। वे आगामी 5 सितंबर की रात को देहरादून आएंगे।

Prateek Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned