पूर्वांचल बैंक के प्रबंधक को सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार

पूर्वांचल बैंक के प्रबंधक को सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार

Rafatuddin Faridi | Publish: Feb, 16 2018 12:09:42 AM (IST) Deoria, Uttar Pradesh, India

देवरिया के पूर्वांचल बैंक की शाखा के मैनेजर को सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने घूस लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार।

देवरिया. जिले के एक पूर्वांचल बैंक की एक शाखा के घूसखोर प्रबन्धक को आज सीबीआई की एंटी करप्सन टीम ने घूस लेते हुए पकड़ लिया। रंगे हाथ शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी तब हुई जब वो एक पोल्ट्री फार्म के मालिक को कर्ज देने की एवज में 15 हजार का सेवा शुल्क वसूल रहा था। मामला भटनी थाना क्षेत्र के घांटी बाज़ार स्थित पूर्वांचल बैंक की शाखा का है।

 

मिली जानकारी के अनुसार भटनी थाना क्षेत्र के मोतीपुर भुआल गांव के रहने वाले शिवजी प्रजापति पोल्ट्री फार्म का कारोबार करते हैं। उन्होंने दो लाख रुपए कर्ज लेने के लिए पूर्वांचल बैंक के घांटी बाजार शाखा में आवेदन किया था। कई बार चक्कर लगाने के बावजूद ऋण स्वीकृत नहीं हुआ। शिवजी का आरोप है कि उनसे शाखा प्रबन्धक निशांत यादव कर्ज देने के लिए 15 हजार रुपए घूस मांग रहे थे। इस बात पर मन मे उठी नाराजगी के कारण उन्होंने दो फरवरी को इसकी शिकायत लखनऊ स्थित सीबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय में कर दी। बताते हैं कि शिकायत का संज्ञान लेने के बाद पहले मामले का सत्यापन किया गया और फिर सीबीआई ने अपना जाल बिछा दिया।

 

गुरुवार की दोपहर में सीबीआई की छह सदस्यीय टीम इंस्पेक्टर नितिश श्रीवास्तव के नेतृत्व में घांटी पहुंची। टीम की योजना के अनुसार शिकायतकर्ता शिवजी प्रजापति 14 हजार रुपए लेकर बैंक प्रबंधक के पास पहुंचे। प्रबंधक निशांत यादव ने उनसे जैसे ही रुपए लिए पहले से मुस्तैद सीबीआई ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। इंस्पेक्टर नितिश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रबंधक से पूछताछ की जा रही है। सीबीआई उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराएगी।

 

सीबीआई से बैंक के प्रबंधक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी पाकर पूर्वांचल बैंक के आरएम एलबीडी पॉल भी मौके पर पहुंच गए। सीबीआई द्वारा आज की गई छापेमारी के बाद बताया जा रहा है कि घांटी बाजार में 12 फरवरी को भी सीबीआई की टीम आई थी। उसी दिन सीबीआई ने प्रबंधक को रंगे हाथ दबोचने की रणनीति बनाई थी। पीड़ित शिवजी प्रजापति को प्रबंधक के पास एक रिकॉर्डर के साथ बैंक प्रबंन्धक के पास भेजा गया और फिर घूस की रकम देने और उसे कम करने की बात को रिकॉर्ड कर लिया गया था।

 

कहा जा रहा है कि इस बातचीत के बाद मात्र 15 हजार रुपये लेकर शाखा प्रबंधक कर्ज की फाइल स्वीकृत करने को तैयार हो गया। सीबीआई ने बातचीत के इस अंश के रिकॉर्डिंग को लेकर लखनऊ लौट गई थी। पूर्वनियोजित कार्यक्रम के अनुसार आज गुरुवार को शिकायतकर्ता के पहुंचने से पहले ही सीबीआई की टीम में शामिल सदस्य बैंक पहुंच कर अपना जाल बिछा चुके थे और फिर जब शिकायतकर्ता बैंक मैनेजर के कक्ष में दाखिल होकर बातचीत का हवाला देकर जैसे ही घूस की रकम बैंक मैनेजर को दिया ही था कि सीबीआई की टीम अन्दर घूसी और मैनेजर को रंगे हाथ दबोच लिया।
by Surya Prakash Rai

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