शहरी विकास पॉलिसी बनाएगी केंद्र सरकार

केंद्र सरकार जल्द ही शहरी विकास पर एक राष्ट्रीय स्तर की पॉलिसी तैयार करने जा रही है

नई दिल्ली। गांवों के देश से शहरों के देश के रूप में बदलते भारत के शहरों को बेतरतीब विकास से बचाने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही शहरी विकास पर एक राष्ट्रीय स्तर की पॉलिसी तैयार करने जा रही है। इस राष्ट्रीय शहरी विकास पॉलिसी का पहला ड्राफ्ट दो महीने में तैयार कर लिया जाएगा और शहरी विकास की योजनाओं की समीक्षा के लिए दिसंबर में प्रस्तावित राज्यों के मेगा कन्क्लेव में इस ड्राफ्ट को राज्यों के समक्ष रखा जाएगा।

शहरी विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस पॉलिसी में सैनिटेशन, पेयजल, सीवेज, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, शहरी आवागमन समेत नगरीय नियोजन से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि भारत की शहरी आबादी 2031 तक वर्तमान के 38 करोड़ से बढक़र 60 करोड़ होने की अनुमान है।

रिपब्लिक ऑफ कोरिया ने प्रदेश में दिखाई निवेश की रुचि
उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत से मंगलवार को उद्योग भवन में रिपब्लिक ऑफ कोरिया के कार्यवाहक राजदूत ली हे वांग के नेतृत्व में 11 सदस्यीय दल ने मिलकर राजस्थान में औद्योगिक निवेश में रुचि दिखाई है। शेखावत ने कहा कि औद्योगिक निवेष के लिए राजस्थान में अनुकूल वातावरण बना है।

राजस्थान शांतिपूर्ण और कानून व व्यवस्था की दृष्टि से बेहतर प्रदेश है। नीमराणा में जापानी औद्योगिक जोन में 40 से अधिक कंपनियां काम कर रही है। कोरियाई कंपनियां प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के ठोस प्रस्ताव लेकर आती है तो उन्हें भूमि व अन्य आवश्यक देय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी) के चीफ कमिशनर एसएल. मीणा ने आगे कहा कि देश भर में जीएसटी को लेकर आ रही समस्याओं के बारें में हमें ई-मेल से अवगत कराएं। जीएसटी में लगातार सुधार किया जा रहा है। मीणा यहां मंगलवार को विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र स्थित वीकेआई एसोसिएशन के एक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।

सुनील शर्मा Desk
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