प्रॉपर्टी खरीदारों का रुख अब मेरठ की ओर

एनसीआर के नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहरों में मकानों की ओवर...

नई दिल्ली। एनसीआर के नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहरों में मकानों की ओवर-सप्लाई और खरीदारों की कमी को देखते हुए डेवलपर अब मेरठ जैसे सेटेलाइट टाउन का रूख कर रहे हैं। नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद दिल्ली और मेरठ के बीच एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल के जरिए कनेक्टिविटी सुधरने की उम्मीद है। जिससे मेरठ में रियल एस्टेट गतिविधियां बढ़ने के साथ-साथ गेटेड सोसायटियों और अपार्टमेंट का ट्रेंड बढ़ सकता है। अगले दो-तीन साल के भीतर मेरठ में करीब 10 हजार मकान तैयार होने का अनुमान है। इनमें से ज्यादातर मकान एनएच-58 बाईपास के नजदीक गेटेड सोसायटियों में हैं।

कितनी तेजी से बढ़ रहा है शहर

एक रिपोर्ट के अनुसार, मेरठ देश का 14वां सबसे तेजी से बढ़ता शहर है। हर साल करीब 2.5 लाख लोग इसकी आबादी में जुड़ रहे हैं। यही वजह है कि पुराने शहर की भीड़भाड़ से दूर एनएच-58 बाईपास के आसपास बड़ी संख्या में हाउसिंग प्रोजेक्ट आ रहे हैं। मेरठ की गेटेड कम्युनिटीज में औसतन 50-60 फीसदी खरीदार स्थानीय निवासी हैं, जो बेहतर सुविधाओं के लिए बाईपास के आसपास नए मेरठ का रूख कर रहे हैं।
राकेश मिश्रा Content Writing
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