रात भर जागी सेना, कलेक्टर, एसपी और बता रहे दीदी ने किए अथक प्रयास

रात भर जागी सेना, कलेक्टर, एसपी और बता रहे दीदी ने किए अथक प्रयास

Arjun Richhariya | Publish: Mar, 14 2018 01:41:40 PM (IST) Dewas, Madhya Pradesh, India

- रोशन के जीवित निकलने के बाद नेताओं में मची श्रेय लेने की होड, सेना, प्रशासन और सेवा देने वालों ने किया था रातभर जागरण

देवास. अमित एस मंडलोई
आंखों में नींद होने के बाद रात भर मशीन चलाते ड्रायवर, लगातार चटटान फोड़ते सेना के जवान, और बार-बार हर पल पर नजर रखते सेना के अधिकारी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक। इसके बाद जब उमरिंग गांव के बोरिंग में गिरा रोशन जब सकुशल बाहर निकलना तो नेताओं में श्रेय लेने की होड सी मच गई है। सोश्यल मीडिया पर चल रहा संदेश इसकी पुष्टी कर रहा है।
सोश्यल मीडिया पर नेता श्रेय लेने की होड में लगे हुए है। एक संदेश जो आज चला है,उसे देखकर लोग हंस रहे है। इस संदेश में बड़े-बडे अक्षरों में लिखा है कि दीदी का संदेश। इसके बाद लिखा गया है कि सुषमा स्वराज (दीदी) के अथक प्रयासों से निकाला गया बोरवेल में गिरा चार वर्ष का बालक। नीचे लिखा है कि दीदी ने ही सेना भेजी, मुख्यमंत्री से बात की। बाद में छोटे अक्षरों में सेना, राहत दल, कलेक्टर, पुलिसअधीक्षक, विधायक आशीष शर्मा की भूमिका को सिर्फ सराहनीय बताया है।
ये है सच्चाई
सबसे पहले मां रेखा ने खुद साड़ी से बेटे को बचाने की कोशिश की। बाद में आसपास के लोग जमा हुए। 100 डायल, 108 पर फोन लगाए गए। सबसे पहली सूचना खातेगांव पुलिस को पहुंची। इन लोगों ने जिला स्तर पर सूचित किया। फिर एसडीओपी शेरसिंह भूरिया, टीआई तहजीब काजी ने सूझबूझ से सबसे पहले आक्सीजन की व्यवस्था करके रोशन की सांसों को चलने में मदद की। बाद में निजी ठेकेदारों ने पौकलैंड, जेसीबी , कैमरे मुहैया कराए। कलेक्टर आशीषसिंह, पुलिस अधीक्षक अंशुमनसिंह रात भर जागते रहे। ये अधिकारी 36 घंटे तक किसी भी एक स्थान पर बैठे ही नहीं थे। हालांकि कुछ सेकंड के लिए से अधिकारी सुस्ताने के लिए पत्थरों पर बैठे, लेकिन फिर खुदाई वाले स्थल पर खडे रहे। वहीं कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक के प्रयास के बाद वरिष्ठ संगठन उनका सम्मान कर रहे है, लेकिन यहां भी राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश की जा रहीहै। जबकि सुषमा स्वराज ने रोशन कोदेखने आना तक उचित नहीं समझा।

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