भाई की मौत से पता चला रक्तदान का महत्व

Arjun Richhariya

Publish: Jun, 14 2018 11:15:29 AM (IST)

Dewas, Madhya Pradesh, India
भाई की मौत से पता चला रक्तदान का महत्व

- रक्त दान करने के लिए हमेशा तैयार रहते प्रताप

बागली. संदीप जायसवाल
दुर्घटनाओं में घायल कई बार रक्त के अभाव में दम तोड़ देते है। दरअसल एक दुर्घटना में अपने भाई को खो चुके भाई जरूरत मंदों को रक्त देने की ठानी। भाई की दुर्घटना में घायल होने पर रक्त नहीं मिल पाने से मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने ठाना कि अब उन्हें अगर रक्त की जरूरत की सूचना मिलती है तो वे मदद को पहुंच जाते है। 35 वर्ष की उम्र में अनेक बार रक्तदान कर चुके बागली जटाशंकर सेवा समिति के सदस्य ठा. प्रताप मोहन सिंह डॉबी मानव सेवा के लिए बड़ी मिसाल है। कई बार रक्तदान करने के बाद भी प्रताप बताते हैं कि वे अभी भी पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। प्रताप अपने गुरु ब्रह्मलीन संत केशवदास महाराज के मानव सेवा प्रकल्पों से प्रेरित थे। उन्होंने कहा कि रक्तदान करके हम समाज और देश सेवा के प्रति अपने कर्तव्य को निभाने का काम करते हैं। सैकड़ों लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल हो जाते हैं। खून की कमी के चलते उनकी मृत्यु हो जाती है। प्रताप ने बताया कि उनका ब्लड गु्रप बी प्लस है तथा जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क रक्तदान कर चुके हैं और अब तक देवास, उज्जैन, हाटपीपल्या, बड़ोदा और इंदौर तक रक्त दान कर चुके है। कुछ वर्ष पूर्व प्रताप के भाई युधिष्ठिर का दुर्घटना में निधन हो गया था। हादसे में भाई की मौत के बाद रक्तदान के महत्व का पता चला। उस समय भाई को भी रक्त की अत्यंत आवश्यकता थी। प्रताप ने सभी से रक्तदान की अपील करते हुए कहा कि इससे शरीर में किसी प्रकार की कमजोरी व खून की कमी नहीं होती, बल्कि शरीर पूरी तरह से स्वस्थ्य रहता है। प्रत्येक व्यक्ति को एक या दो बार रक्तदान करना चाहिए।
मंत्री कर चुके है सम्मानित
प्रताप की मानव सेवा की ललक को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन के स्कूली शिक्षक राज्य मंत्री दीपक जोशी भी उन्हें एक निजी कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर चुके है। प्रताप के जज्बे की जटाशंकर महन्त बद्रीदास महाराज, डॉ. केएस उदावत आदि ने प्रशंसा की है।

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