खेत जाए तो पुलिस पीटे, फसल पर बारिश और चोरी का खतरा

नहीं मिल रहे मजदूर, थे्रेसिंग मशीन से निकाल रहे फसल

By: Chandraprakash Sharma

Updated: 27 Mar 2020, 06:11 PM IST

देवास। इन दिनों किसान ज्यादा परेशानी में हैं। एक तो कोरोना वायरस के चलते वो घर से नहीं निकल पा रहा है, वहीं खेत में फसल तैयार हैं। कई जगह पर किसानों ने रंगपंचमी के बाद फसल काटने की योजना बनाई थी लेकिन वो इस काम में भिड़ता इसके पूर्व ही जिले में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। ऐसे में अन्य लोगों की तरह किसान भी घर से नहीं निकल पा रहा हैं। हालाकि किसान संगठन अब इसके लिए अलग सेआदेश जारी करने की मांग शासन व प्रशासन से कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुए हैं। जिले में बारिश का मौसम भी बना हुआ है, किसानों को चिंता है कि अगर वे समय-समय पर खेत जाने की मोहलत नहीं जुटा पाए तो फिर तैयार फसल को भी नुकसान हो सकता हैं। किसान को अपनी फसल चोरी होने का अंदेशा भी सता रहा हैं। वहीं जिले व अन्य जगह से आने वाले मजदूर भी इस बार बंद के चलते नहीं आए हैं।
किसानों की परेशानी को देखते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूूर महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा हैं। पत्र में जहां किसानों की आवाजाही की परेशानी को दूर करने के लिएपास देने व किसान को मंडी में जाने से रोकने के लिए गांव में ही अधिकारियों को भेजने का सुझाव दिया गया हैं।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्काजी व युवा ईकाई के अध्यक्ष अभिमन्यू कोहाड़ ने बताया कि मार्च व अप्रैल माह के महीने रबी की फसलों जैसे गेहूं, चना व सरसों आदि की कटाई का समय हैं। कुछ राज्यों में किसानों की फसलें कट चुकी हैं, कुछ में तैयार खड़ी है और कुछ में आगामी 10 से 15 दिनों में तैयार हो जाएंगी। किसानों की सारी मेहनत व लागत इस समय खेत में खुले आसमान के नीचे पड़ी है। 21 दिन तक कोई बाहर नहीं निकल सकेगा। ऐसे हालात में अपने फसलों की रखवाली के लिए, फसलों की कटाई के लिए किसान अपने खेत में नहीं जा पाएंगे और बेमौसम बारिश व जंगली जानवरों से उनकी फससें बर्बाद होने का खतरा बना रहेगा। संपूर्ण लॉकडाउन के हालात में अनाज का सही भंडारण नहीं हो पाएगा। संगठन ने इसके लिए अपनी तरफ से दो सुझाव दिए है जिसमें किसानों, मजदूरों व कंबाइन चालकों को खेत में जाने के लिए एक निश्चित समय सीमा के लिए पास सहित अनुमति दी जाने व अनाज के उचित भंडारण के लिए फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के चयनित अधिकारियों को गांवों में भेजने का सुझाव दिया है जिससे किसानों को मंडियों में जाने की जरूरत ही न पड़े।
अलग से दिया जाए समय
किसानों को खेत में आ रही परेशानी को लेकर अब किसान संगठन भी आवाज उठा रहे हैं। भारतीय किसान संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश नागर ने बताया कि उनके संगठन ने एसडीएम अरविंद चौहान से बात की थी, संगठन ने उनसे अनुरोध किया था कि किसानों के लिए अलग से बाहर निकलने की छूट दी जाए जिसके चलते वो अपनी फसलों को खेतों से समेट सके, साथ ही कपास की दुकानें भी चालू करने की मांग रखी थी। हालाकि अभी तक अलग से कोई आदेश इसे लेकर नहीं आए हैं।
नहीं मिल रहे मजदूर
किसानों के अनुसार लॉक डाउन के चलते फसल कटाई का कार्य भी पूरी तरह से ठप हो गया हैं। जिले के सतवास, पुंजापुरा सहित खंडवा व निमाड़ के अन्य क्षेत्रों से मजदूर फसल कटाई कार्य के लिए जिले में आते थे, लेकिन लाकडाउन के बाद वे नहीं आए। ऐसे में किसान थे्रसर से फसल निकाल रहे हैं।

Chandraprakash Sharma Desk
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