स्थानीय प्रशासन ने देवास जिले में पहली बार तीन किमी क्षेत्र का पूरा गांव कंटेंनमेंट एरिया घोषित किया

दो सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही ग्रामीणों ने खुद को किया घरों में बद

By: Chandraprakash Sharma

Published: 18 Apr 2020, 05:23 PM IST

देवास/पानीगांव। कई दिनों से पूरे देवास जिले की नजर पानीगांव पर बनी हुई थी। सभी को क्वारेंटाइन किए गए परिवारों की रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार था। गुरुवार देर रात रिपोर्ट में दो की रिपोर्ट पाजिटिव आते ही स्थानीय प्रशासन का अमला हरकत में आ गया व प्रोटोकाल के अनुसार पूरे पानीगांव को कंटेंटमेंट एरिया घोषित कर दिया गया हैं। पानीगांव के आसपास के गांवों में मुनादी करके कहा गया है कि कोई भी अभी पानीगांव नहीं जाए। पानीगांंव की कुल आबादी साढ़े छह हजार हैं जो कि तीन किमी क्षेत्र में बसी हुई हैंं। अब फिर से 27 परिवार के 147 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए मेडिकल रिस्पांस टीम ने काम भी शुरू कर दिया हैं।
एक सप्ताह पूर्व पानीगांव से देवास क्वारेंटाइन किए गए परिवार की सैंपल जांच रिपोर्ट गुरुवार रात को आ गई है। इनमें से दो की रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद से ग्रामीणों में दहशत हैं। शुक्रवार को लोग सहमे रहे और घरों में ही दुबके रहे। आसपास के गांवों में मुनादी करके पानीगांव जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी, वहीं प्रशासन ने पानीगांव को कंटेंटमेंट एरिया घोषित किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ग्रामीण कोई लापरवाही नहीं करना चाहते इसलिए वे किसी से भी नहीं मिल रहे। ऐसी स्थिति में पानीगांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा है। न तो दुकानें खुल रही हैं और न ही शासकीय संस्थाएं।
पानीगांव से जो 8 लोग क्वॉरेंटाइन किए गए थे उनमें से हाटपीपल्या के मृत की पत्नी एवं पानीगांव निवासी उसके साले का 3 वर्षीय पुत्र की सैंपल जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से ग्रामीणों में सुरक्षा के लिहाज से एक दूसरे से दूरी बना ली हैं। वहीं 15 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीदी भी पानीगांव केंद्र पर शुरूनहीं हुई। किराना दुकाने एवं बैंक बंद होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। जिले के यदि किसी गांव की हालत सबसे ज्यादा खराब है तो वो है 6 500 से अधिक आबादी के गांव पानीगांव की। पानीगांव में गत एक सप्ताह से डरे हुए किराना व्यवसायियों ने अपनी सभी दुकानें पूरी बंद कर दी, जिससे मजदूर वर्ग के समक्ष दानापानी का संकट खड़ा हो गया है। आसपास के 5 से 10 मजरों में पानीगांव से जाने वाला है किराना सामान पूरी तरह बंद है जिससे वहां की निवासी भी परेशानियों से घिर गए हैं। स्थानीय बैंक ऑफ इंडिया में भी कामकाज ठप पड़ा है। लेन.देन नहीं होने से लोगों की दिक्कत लगातार बड़ रही है।
परेशान लोग बोले कोई मदद नहीं मिल रही
बु धवार को जब पत्रिका प्रतिनिधि ने पानीगांव के मजदूर वर्ग परिवार का जायजा लिया तो लोगों ने खुलकर अपनी परेशानी बताते हुए शासन से मदद की गुहार लगाई है। प्रतिदिन सब्जी का ठेला लगाने वाले संतोष माली का कहना है कि एक पखवाड़े से धंधा पानी ठप पड़ा है, परिवार में 6 सदस्य हैं और कमाने वाला अकेला ऐसे में ना तो शासन मदद कर रहा है और न ही कोई सामाजिक संस्था मदद हेतु आगे आई है। यही स्थिति हलवाई का काम करके गुजर.बसर करने वाले जगदीश माली की है जो प्रतिदिन 300 रोज की मजदूरी करता था, किंतु गत 15 दिनों से घर बैठा है, जिससे परिवार के समक्ष रोजी.रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
147 लोगों का फिर से होगा स्वास्थ्य परीक्षण
शु क्रवार को एसडीएम कन्नौद केसी परते, सीईओ जनपद पंचायत प्रभांशु सिंह, बीएमओ विवेक अहिरवार, टीआई कांटाफोड़ वीपी शर्मा, बिजवाड़ चौकी प्रभारी कुसुम गोयल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने पानीगांव का भ्रमण किया। बीएमओ अहिरवार का कहना है कि उक्त परिवार के संपर्क में आए 27 परिवार के 147 लोगों का फिर से स्वास्थ्य परीक्षण करने हेतु पानी गांव में मेडिकल रिस्पांस टीम की अगुवाई कर रहे डॉ. मजहर कुरेशी को निर्देशित किया गया है। निर्देश मिलते हैं कुरेशी अपनी टीम के साथ सभी परिवारों के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने में जुट चुके हैं उनका कहना है कि किसी भी प्रकार का लक्षण यदि दिखाई देता है तो व्यक्ति को क्वॉरेंटाइन किया जाएगा।

Chandraprakash Sharma Desk
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