जबरन पत्नी बनाकर रखा, मां ने छोड़ी दर्द की निशानी

जबरन पत्नी बनाकर रखा, मां ने छोड़ी दर्द की निशानी
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Amit Mandloi | Publish: May, 18 2017 11:52:00 PM (IST) Dewas, Madhya Pradesh, India

ज्यादती के बाद बच्चे के जन्म का तीसरा मामला, बरोठा थाना क्षेत्र के एक गांव की 17 साल की नाबालिग से ज्यादती

देवास. जिले में नाबालिग के साथ ज्यादती करने के बाद बच्चे के जन्म होने का अब तीसरा मामला सामने आया है। नाबालिग मां ने अपने दर्द की निशानी को बाल कल्याण समिति को सौंपकर उसे हमेशा के लिए भुला दिया है।

मामला बरोठा थानाक्षेत्र के एक ग्राम में रहने वाली नाबालिग का अपहरण कर जबरन पत्नी बनाकर दुष्कर्म करने का है। 17 साल की नाबालिग का गांव में ईंट बनाने आए युवक ने नौ माह पहले अपहरण कर लिया और उसे पहले बेटमा ले गया और कुछ दिनों तक रहने के बाद इंदौर के रामपुरा में आ गया। यहां पर जबरन उसे पत्नी बनाकर एक झोपड़ी में रहा और ज्यादती करता रहा। नाबालिग के अपहरण की रिपोर्ट उसके पिता ने बरोठा थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिसबंर 2016 में दोनों को रामपुरा से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपित भल्ला भील निवासी ग्राम देलमी के खिलाफ नाबालिग की रिपोर्ट पर धारा 363, 366, 376 व पास्को एक्ट में प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया है।

बरोठा पुलिस ने नाबालिग को देवास बाल कल्याण समिति के पास भेजा और समिति ने बच्ची के परिजन से चर्चाकर उनके सुपुर्द कर दिया था। नबालिग की कुछ दिनों बाद तबीयत खराब होने लगी। इस पर उसे बरोठा के प्राथमिक अस्पताल में दिखाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची को सात माह का गर्भ है। इस परिजन ने बाल कल्याण समिति देवास से फिर संपर्क किया। समिति ने कुछ दिनों तक गर्भवती नाबालिग को वन स्टॉप सेंटर देवास में रख उपचार कराया गया। फिर परिजन पीडि़ता को लेकर गांव पहुंचे। 27 अप्रैल को नाबालिग का प्रसव का समय आया तो बरोठा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया और अगले दिन स्वस्थ लड़के का जन्म हुआ।
4 मई से एनआईसीयू में

बच्चे की मां तथा परिजन ने प्रसव के बाद लड़के को देवास आकर बाल कल्याण समिति को सौंप दिया। नवजात को जिला अस्पताल के एनआईसीयू में 4 मई से रखा गया। कुछ दिनों पहले ही एनआईसीयू से दो अन्य दुष्कर्म पीडि़ताओं की बच्चियों के साथ ही इस बच्चे को इंदौर के शिशु बाल गृह भेज दिया गया है। दो माह बाद बच्चों को गोद लेने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होगी।
माता-पिता से दोस्ती कर किया था अपहरण

आरोपित भल्ला बरोठा थाना क्षेत्र के गांव में साथियों के साथ ईंट बनाने के लिए आया था। ईंट बनाने का काम नाबालिग के घर के सामने ही चलता था। आरोपित दिन में सामने स्थित तेजाजी महाराज के ओटले पर बैठकर नाबालिग के माता-पिता से बातचीत करता था। धीरे-धीरे उसने नाबालिग के घर आना-जाना शुरू कर दिया और एक दिन नाबालिग का अपहरण कर ले गया।
दुष्कर्म पीडि़ता के प्रसव होने का तीसरा मामला
गौरतलब है कि देवास में नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के बाद हुए बच्चे का यह तीसरा मामला है। पहला मामला बरोठा थाना क्षेत्र के ही एक गांव की 16 साल की नाबालिग का था, जो शाम को शौच के लिए गईथी। उसका मुंह दबाकर अज्ञात बदमाश ने ज्यादती कर दी थी, इसके बाद एक बच्ची का जन्म हुआ था। अभी भी बदमाश पुलिस की गिरफ्त से दूर है। इसके बाद देवास शहर में एक नाबालिग बालिका के साथ उसके पिता के अधेड़ दोस्त ने घर में आकर ज्यादती की थी। मामले का खुलासा बच्ची के गर्भवती होने पर हुआ था और जिला अस्पताल में उसने भी एक बच्ची को जन्म दिया था। यह आरोपित जेल में है।

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