प्याज की कटाई करते समय खेत में बिगड़ी तबीयत, देवास लाते-लाते किसान ने तोड़ा दम

-ग्राम संवरसी का रहने वाला था किसान, परिजन बोले 12-13 लाख रुपए के कर्ज से थे परेशान

By: Amit S mandloi

Published: 29 Mar 2019, 12:41 PM IST

देवास. टोंकखुर्द तहसील के गांव संवरसी में खेत में काम करने के दौरान गुरुवार दोपहर एक किसान की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल देवास पहुंचे लेकिन तब तक किसान ने दम तोड़ दिया। प्रथमदृष्टया हृदयाघात से मौत होने की बात सामने आ रही है, वहीं परिजनों ने १२-१३ लाख रुपए के कर्ज के तनाव से जान जाने का जिक्र किया है। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया है।

ग्राम संवरसी निवासी किसान गोपाल सिंह पिता नरबे सिंह (47) गुरुवार दोपहर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खेत पर प्याज की कटाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगडऩे लगी, परिजनों ने उन्हें पानी पिलाया लेकिन ढंग से पानी नहीं पीया। इसके बाद तत्काल बाइक की मदद से उनको खेत से गांव लाया गया और फिर वहां से चार पहिया वाहन के माध्यम से देवास जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। गोपाल के छोटे भाई ज्ञान सिंह ने बताया एक दिन पहले ही उन्होंने कर्ज से परेशान होने संबंधी बात की थी। कर्ज को लेकर वो हमेशा परेशान रहते थे, कह रहे थे कि १२-१३ लाख रुपए का कर्ज कैसे चुका पाऊंगा। तब मैंने उन्हें समझाया था कि टेंशन मत लो, इस बार नहीं हो पाया तो अगले साल कर्ज चुका दिया जाएगा। उन पर करीब पांच लाख रुपए होम लोन, 2.७५ लाख रुपए केसीसी ऋण, 3-4 लाख रुपए लोगों की उधारी व करीब 30-40 हजार रुपए सोसायटी का कर्ज था। पिछले साल बेटी की शादी की थी, उसमें भी कर्ज लिया था।

कांग्रेस की सरकार है, क्या पता कर्ज माफ होगा या नहीं

गोपाल सिंह के भाई नेपाल सिंह ने बताया गोपाल की चार-पांच बीघा जमीन है। पिछले साल कड़ाके की ठंड के कारण चार बीघा की चने की फसल जल गई थी। वहीं दो बीघा में प्याज लगाए थे लेकिन उसका भाव अच्छा नहीं मिल रहा था। चने की जो फसल जली थी उसका कोई मुआवजा भी नहीं मिला है। उधर कर्ज माफी की प्रक्रिया इतनी सुस्त चल रही थी कर्ज माफ होने से पहले ही आचार संहिता के कारण माफी प्रक्रिया रुकने का मैसेज आ गया था। इसके बाद गोपाल परेशान रहता था, वो कहता था कांग्रेस की सरकार है, कोई भरोसा नहीं है कि चुनाव के बाद भी कर्ज माफ हो जाएगा। उसके पास कृषि के अलावा आय का कोई अन्य स्रोत भी नहीं था।

शासन स्तर से हर संभव मदद करेंगे
मैंने कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। फसल नुकसानी की राहत राशि के बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं है। संबंधित किसान के मामले में दिखवाना पड़ेगा कि स्थिति क्या है। शासन स्तर से नियमानुसार जो भी संभव होगा वह किया जाएगा।
-अलका एक्का, तहसीलदार टोंकखुर्द।

Amit S mandloi
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