पौने चार साल में नहीं मिल सकी सिविल लाइन थाने को खुद की जमीन

पौने चार साल में नहीं मिल सकी सिविल लाइन थाने को खुद की जमीन
dewas

Amit S mandloi | Publish: Mar, 30 2019 11:33:42 AM (IST) | Updated: Mar, 30 2019 11:33:43 AM (IST) Dewas, Dewas, Madhya Pradesh, India

-कभी इटावा तो कभी मेंढकीचक में देखी जा रही जगह, फिर से टीम पहुंची पुराने आरटीओ कार्यालय परिसर में

सत्येंद्रसिंह राठौर. देवास
जुलाई 2015 में शहर में एकसाथ दो नए थानों की शुरुआत हुई थी। ये थाने थे नाहर दरवाजा व सिविल लाइन। स्वीकृति के बाद संसाधन तो थे ही नहीं ऊपर से थाने जल्द शुरू करने का दबाव भी था, ऐसे में तत्कालीन अफसरों ने जैसे-तैसे इनका शुभारंभ तो कर दिया लेकिन इनमें से एक सिविल लाइन थाना ऐसा है जिसे अब तक खुद की जमीन नहीं मिल सकी है। इसके लिए दो स्थानों मेंढकीचक के पास व पुराना आरटीओ परिसर देखा जा रहा है, अफसर पहुंच रहे हैं लेकिन जगह फाइनल नहीं हो पा रही है। एक बार फिर से पिछले दिनों राजस्व व पुलिस विभाग के अफसरों ने जगह निर्धारण संबंधी प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि इस बार भी जगह तय हो जाएगी, ऐसी उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

शहर की बढ़ती जनसंख्या, कॉलोनियों व अपराधों के बढ़ते हुए ग्राफ को देखते हुए कम से कम एक नए थाने की जरूरत वर्ष 2011-12 से महसूस की जा रही थी। इसके साथ ही अंचल में विजयागंज मंडी, बालोन, हरणगांव, डबलचौकी आदि चौकियों को थाने के रूप में उन्नत करने की मांग उठ रही थी। इनके प्रस्ताव भी समय-समय पर भेजे जाते रहे लेकिन सफलता मिली २०१५ के गर्मी के सीजन में। जब भोपाल से एकसाथ दो थाने शहर में ही स्वीकृत कर दिए गए। हालांकि यह स्वीकृति भी आवश्यकता के हिसाब से नहीं थी क्योंकि प्रस्ताव के अनुसार इटावा में थाना स्वीकृत होना था जबकि उसे सिविल लाइन में स्वीकृत किया गया। चूंकि भोपाल स्तर का मामला था तो उसमें कुछ स्थानीय स्तर से होना भी संभव नहीं था, ऐसे में पुलिस विभाग व प्रशासन ने मिलकर 4 जुलाई 2015 को एक ही दिन दोनों थानों का शुभारंभ करवा दिया। नाहर दरवाजा थाने का शुभारंभ किया गया तत्कालीन सीएसपी कार्यालय में और सिविल लाइन थाना शुरू हुआ लोक निर्माण विभाग के शासकीय आवास में। यहां कमरे भी गिने-चुने ही हैं, ऐसे में अधिकारियों व जवानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले हिस्से में तो टीन शेड डालकर नीचे बैठक के इंतजाम किए गए हैं।

उधर सिविल लाइन थाने के भवन निर्माण के लिए जमीन के चिन्हांकन की प्रक्रिया पुलिस व प्रशासन ने मिलकर कई बार शुरू की लेकिन हर बार नतीजा सिफर रहा। इटावा क्षेत्र में थाने की आवश्कता अधिक है, पुलिस के साथ ही लोग भी यह महसूस कर रहे हैं इसीलिए मेंढकीचक के पास जगह फाइनल नहीं हो सकी थी। पिछले साल जनवरी में आरटीओ कार्यालय उज्जैन रोड से हटकर उज्जैन बायपास पर नए भवन में शिफ्ट हो गया था जिसके बाद एक बार फिर से पुराने कार्यालय परिसर में सिविल लाइन थाने की जगह की उम्मीद जगी थी। करीब दो-तीन दिन पहले पुलिस व प्रशासन की टीम पुराने आरटीओ कार्यालय परिसर पहुंची और थाने के लिए जमीन की संभावनाओं को टटोला। इस टीम में आरआई जगदीश पाटिल, नायब तहसीलदार पूनम तोमर सहित नजूल विभाग के अधिकारी आदि शामिल रहे।

इसलिए इटावा क्षेत्र में जरूरी है थाना

-अपराधों के मामलों में इटावा क्षेत्र संवेदनशील है। लगभग एक दर्जन कॉलोनियां ऐसी हैं जहां आपराधिक घटनाएं अक्सर होती रहती हैं।
-उज्जैन रोड इटावा से लगा हुआ है। सड़क हादसा, चक्काजाम या अन्य किसी स्थिति में मौके पर पुलिस के लिए पहुंचना सुविधाजनक व जल्दी होगा।
-जिले का एकमात्र कन्या महाविद्यालय भी इसी क्षेत्र में है। कई बार यहां भी पुलिस की आवश्यकता पड़ती रहती है।
-सिविल लाइन थाना क्षेत्र का सेंटर पॉइंट इटावा है, वर्तमान में सिविल लाइन में जहां थाना संचालित है वह एक किनारे पड़ता है, आने-जाने में समय लग जाता है।

कुछ दिन पहले आवेदन मिला है
थाने की जगह के संबंध में कुछ दिन पहले ही आवेदन मिला है। आगामी दिनों में संभावित जगहों का निरीक्षण करके निर्धारण की प्रक्रिया की जाएगी।
-जीवनसिंह रजक, एसडीएम देवास।

जगह के लिए प्रक्रिया चल रही है

सिविल लाइन थाने के भवन के लिए जगह चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है। अभी कुछ फाइनल नहीं हो पाया है। उम्मीद है इस बार सकरात्मक परिणाम मिलेंगे।
-जगदीश पाटिल, आरआई देवास।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned