#CoronaWarriors : कई दिनों से भूखी थी महिला हाईवे पर हो गई बेहोश, पुलिसकर्मी ने खून देकर बचाई जान

भूख के कारण बेहोश हुई महिला को पुलिस कांस्टेबल ने अपना खून देकर जान बचाई।

By: Faiz

Updated: 03 Apr 2020, 03:20 PM IST

देवास/ एक तरफ जहां मध्‍य प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है, तो वहीं देश के कर्मवीरों का हौसला और सेवा भाव कोरोना के तेजी से बढ़ते असर को पस्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। हकीकत हैकि, जब तक ऐसी सोच वाले लोग भारत में है, कोरोना तो क्या दुनिया की कोई भी ताकत देश के खिलाफ खड़ी नहीं हो सकती। हालही में हमने प्रदेश के नीमच के उन मासूम बच्चों के बारे में सुना, जिन्होंने अपनी गुल्लक फोड़कर उसमें जमा रकम लॉकडाउन के कारण भूख से परेशान होने वाले गरीब-मजदूरों के लिए भोजन के लिए दान की थी। उन मासूम कर्मवीरों के हौसले को प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने भी सराहा। ऐसा ही एक कर्मवीर पुलिस कर्मी मध्य प्रदेश के देवास में भी है, जो लॉकडाउन के दौरान जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी तो करते हैं, साथ ही भूख के कारण बेहोश हुई महिला को अपना खून देकर उसकी जान भी बचाई।

 

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कांस्टेबल ने की ब्लड देने की पहल

बता दें कि, मध्य प्रदेश के देवास जिले में आने वाले नेशनल हाईवे पर एक महिला पैदल जा रही थी। कड़ी धूप में चलते चलते वो अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। इली दौरान वहां गश्त कर रहे मध्‍य प्रदेश पुलिस के जवानों की उस महिला पर नजर पड़ी। पुलिसकर्मी बैहोश महिला को तुरंत नजदीक के अस्पताल लेकर पहुंचे और महिला को भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि, महिला कई दिनों से भूखी है, जिसके कारण वो अत्याधिक कमजोर हो गई है। ऐसे में उसकी हालत स्थिर करने के लिए ब्लड की जरूरत है। डॉक्टर की जुबानी महिला की व्यथा सुनने के बाद देश सेवा की शपथ लेने वाले एक कर्मवीर पुलिस कांस्टेवल आगे आए और मह्ला को बल्ड देने की बात कही। चिकित्सकों ने महिला की जान बचाने के लिए बिना देर किये पुलिस कांस्टेबल पहल को कबूल करते हुए ब्लड लेकर जरूरतमंद महिला को लगा दिया। चिकितस्कों का कहना है कि, अगर महिला को खून लगने में कुछ देरी हो जाती तो उसकी जान बचाना मुश्किल थी।

 

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कई दिनों से भूखी थी महिला

हालत स्थिर होने के बाद महिला ने बताया कि, उसका नाम सोनाली है, वो देवास में मजदूरी करती है। उसकी आजीविका रोज की मजदूरी करने से ही चल पाती थी। लेकिन, देश में लॉकडाउन होने के कारण सभी जगह काम बंद हो गया है, जिसके कारण वो काम नहीं कर पा रही। ऐसे में उसके पास खाने के पैसे तक नहीं है। महिला के मुताबिक, उसने पिछले कई दिनों से खाना नहीं खाया, जिसके चलते उसे कमजोरी आ गई थी। उसने कहा कि, उसके पास पैसे नहीं थे और आवाजाही का कई संसाधन भी नहीं, जिसकी वजह से वो नेशनल हाईवे से अपने घर पैदल जा रही थी। भूख और गर्मी की शिद्दत से वो बेहोश हो गई।

 

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भूख से बेहोश हुई महिला के लिए भगवान बने कांस्टेबल धर्मेन्द्र

बता दें कि, देवास जिले में पदस्‍थ कांस्टेबल धर्मेन्‍द्र भिलाला मध्‍य प्रदेश पुलिस में ड्राइवर हैं। जब महिला को ब्लड की जरुरत पड़ी, तो कांस्टेबल धर्मेंद्र तत्काल तैयार हो गए और उन्होंने महिला को अपना ब्लड देने की रजामंदी जताई। चिकितिसकों ने बताया कि, तत्काल ब्लड मिलने की वजह से ही महिला की जान बच सकी, वरना वो इस हद तक कमजोर हो चुकी थी, कि दवाओं का असर भी उसपर नहीं दिख रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक, पुलिस कांस्टेबल उस महिला के लिए किसी मसीहा से म नहीं था, क्योंकि अगर महिला को ब्लड लगने में देरी होती, तो उसकी जान को खतरा था और ऐसे हालात में महिला के लिए आसानी ब्लड मिल पाना भी मुश्किल था।

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