दो वर्ष बाद भी नियुक्त नहीं कर पाए शिक्षक

दो वर्ष बाद भी नियुक्त नहीं कर पाए शिक्षक

Arjun Richhariya | Publish: Jul, 14 2018 12:46:33 AM (IST) Dewas, Madhya Pradesh, India

शिक्षा विभाग व जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान

चापड़ा/बागली. सरकार द्वारा तीन करोड़ की लागत से बनाए गए मॉडल स्कूल पर शिक्षा विभाग के बिगड़े सिस्टम के चलते आज भी ताला लगा हुआ है। बागली विधानसभा में स्थित एक मात्र मॉडल स्कूल का शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते उद्देश्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है, वहीं क्षेत्रिय जनप्रतिनिधियों को भी कई बार इस मामले से अवगत कराया जा चुका हैं, इसके बावजूद भी आज तक समस्या हल नहीं हो पाई है और आज भी स्कूल शिक्षक विहीन है। उक्त मॉडल स्कूल का लाभ छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है। मॉडल स्कूल में एडमिशन के लिए बच्चों की परीक्षा ली जाती हैं, परीक्षा उतीर्ण होने पर मॉडल स्कूल में एडमिशन दिया जाता है। वहीं इस स्कूल में जिन बच्चों का चयन हुआ है, उन बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग आज दो वर्ष बीतने के बावजूद भी शिक्षकों की व्यवस्था नहीं कर पाया है, वहीं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस समस्या से भलीभांति अवगत हैं, लेकिन वह भी सब कुछ जानकर भी अनजान बने बैठे हैं। मॉडल स्कूल के बच्चों को मजबूरन बागली मुख्यालय पर स्थित उत्कृष्ट विद्यालय में बैठकर पढ़ाई करना पड़ रही है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब शासन द्वारा इतना बड़ा मॉडल स्कूल बनाया गया है तो यहां पर आज 2 वर्ष बीतने के बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति क्यों नहीं हो पाई।
उत्कृष्ट विद्यालय में करना पड़ रही पढ़ाई : हालाकि शिक्षा विभाग द्वारा मॉडल स्कूल में सत्र 2017-18 में पढ़ाई प्रारंभ की गई थी, लेकिन शिक्षा विभाग शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर पाया, जिसके चलते शिक्षकों की कमी के कारण खुलने के एक माह बाद ही मॉडल स्कूल पर ताले लग गए। मॉडल स्कूल अक्टूबर 2017 में शुरू किया गया, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते नवंबर 2017 के अंत में ही शिक्षकों की कमी के कारण बंद करना पड़ा और आज भी ताला लगा है।
शासन के नए नियम अनुसार उक्त मॉडल स्कूल में प्राचार्य सहित 14 पद स्वीकृत हैं, लेकिन दूसरा शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के बाद भी अब तक 13 में से सिर्फ एक पद संविदा शाला शिक्षक वर्ग 1 की भरपाई हरीश पाराशर के रूप में ही हुई है। बाकी 12 पद अभी भी रिक्त पड़े हैं। शिक्षकों व अन्य स्टाफ की कमी के कारण उक्त मॉडल स्कूल के 320 विद्यार्थी मजबूरन बागली के ही उत्कृष्ट विद्यालय में बैठकर जैसे-तैसे पढ़ाई करने पर मजबूर हो रहे हैं, लेकिन वहां शिक्षकों का टोटा होने के कारण पढ़ाई सुचारू नहीं हो पा रही है। बड़ा प्रश्न तो यह है की आखिर विभाग शिक्षकों की नियुक्ति क्यों नहीं कर पाए ऐसे में क्षेत्रिय जनप्रतिनिधि की कार्यशैली पर भी कई प्रश्न खड़े होते नजर आ रहे हैं।
शिक्षा मंत्री के गृह जिले के हाल-बेहाल
बागली के पूर्व विधायक व वर्तमान शिक्षा मंत्री दीपक जोशी के गृह जिले के बागली में स्कूलों के हाल बेहाल हंै, जो कि स्वयं मंत्री होने के बावजूद भी यहां की शिक्षा व्यवस्था सुधार नहीं पा रहे हैं व मॉडल स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होना बड़ी लापरवाही दर्शाता है। विगत सत्र में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शिक्षा मंत्री दीपक जोशी से चर्चा की गई थी तो उस दौरान जोशी ने आश्वासन दिया था की नए सत्र प्रारंभ होने के पहले मॉडल स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति हो जाएगी, लेकिन आज तक नहीं हो पाई।

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