प्लांट टैंक और सर्कुलेटर दो दिन में किया साफ

- शहर के सभी क्षेत्रों में मिलने लगेगा शुद्ध पानी

देवास. शिप्रा नदी पर स्थित डेम में बारिश का गंदा पानी आने से वाटर ट्रीटमेेंट प्लांट टैंक और सर्कुलेटर में गाद, मिट्टी, कंकर व गंदगी जम गई थी। इस गंदगी की वजह से पानी पूरी तरह से शुद्ध नहीं हो रहा था। शुद्धिकरण के लिए पांच गुना घोल का उपयोग किया जा रहा था। टैंक और सर्कुलेटर को साफ करने के लिए जलप्रदाय विभाग ने दो दिन का समय लिया था। इन दो दिनों में सुबह ८ से शाम ६ बजे के बीच में टैंक और सर्कुलेटर खोलकर को साफ कर उसे फायर ब्रिगेड के प्रेशर से साफ किया गया था।
दूसरे दिन सफाई कार्य इतना तेजी से किया की सर्कुलेटर और टैंक को शाम चार बजे ही साफ कर दिया था। इन्हे साफ करने के तत्काल बाद ही शहर में २५०-२५० हार्सपावर के पंपों से शहर में पानी सप्लाई शुरू कर दिया गया है। डेम में बाड़ का पानी आने के बाद ही नलों में गंदा पानी आ रहा था, जो लोगों के पीने योग्य तो था, किंतु मेला दिख रहा था। साफ-सफाई में कर्मचारियों को भीड़ दिया था। टैंक से बड़ी मात्रा में मिट्टी की गाद निकली है, जिसे बाहर निकालने में कर्मचारियों को पसीना आ गया था।
जल प्रदाय पहले की तरह यथावत
फिल्टर प्लांट के प्रभारी आरके शर्मा ने बताया, पंप में मिट्टी, गाद व कंकर फंसने से दिक्कत आ रही थी, जिसे दो दिन तक का समय लेकर साफ करवा दिया गया है। प्लांट के टैंक में आई गाद को देखने के लिए मैं स्वयं उतरा था, जिसे अच्छे से साफ करवाई गई। नदी में बाढ़ का आने से डेम का पानी मटमेला हो गया, जिसकी वजह से टैंक में पानी आते ही बड़ी मात्रा में गाद एकत्रित हो रही है। पहले की तरह दोनों पंप शहर की सभी टंकियों में फोर्स के साथ पानी पहुंचाया जा रहा है। अब सभी टंकियों में साफ पानी पहुंच रहा है, जिससे शहरवासियों को मेले पानी से निजात मिलेगी। बताया जाता है कि आने वाले दिनों में फिर शिप्रा में बाढ़ आने से पानी गंदा होगा, जिसे साफ करने में प्लांट के कर्मचारियों के साथ ही मशीनों को भी मश्क्कत करना पड़ेगी।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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