जिस प्रतिमा का तत्कालीन राष्ट्रपति ने किया था अनावरण वहीं है उपेक्षित

जिस प्रतिमा का तत्कालीन राष्ट्रपति ने किया था अनावरण वहीं है उपेक्षित

amit mandloi | Publish: Sep, 07 2018 01:35:39 PM (IST) | Updated: Sep, 07 2018 01:35:40 PM (IST) Dewas, Madhya Pradesh, India

-सालों पुरानी पेंटिंग मल्हार से हटाई, नगर का बुद्धिजीवी तबका कर रहा है फूड जोन और ओपन जिम नहीं खोलने की मांग

देवास.
आज से 80 वर्ष पूर्व राष्ट्रपति ने जिस राजा की प्रतिमा का लोकार्पण किया था। वहीं आज उपेक्षित हो रही है। बताया जाता है देवास में दो रियायतें काबिज थी। पहली सीनियर तो दूसरी जूनियर। प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा अनावरित जूनियर के राजा की प्रतिमा की देख-रेख नहीं कर पा रहा है, जिसका बहाना फंड नहीं होना बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जूनियर राजा की प्रतिमा जर्जर हो रही है, जिसके सुधार के लिए प्रशासन के पास पैसा ही नहीं है। अब नगर का बुद्धिजीवी तबका जूनियर राजा और ऐतिहासिक धरोहर मल्हार जिसका नाम पूर्व में सदाशिव पार्क था, उसे बचाने की कोशिश में लगा है, लेकिन इन्हें प्रशासनिक स्तर पर कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा है।

1955 में राष्ट्रपति ने किया था राजा की प्रतिमा का अनावरण

जूनियर के राजा सदाशिव खाशे साहेब की प्रतिमा का अनावरण 1955 में किया था। अनावरण करने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेंद्रप्रसाद आए थे। सन् 1897.1934 तक मल्हार राव पंवार का कार्यकाल रहा जो शीलनाथ महाराज के परम् शिष्य थे वे भी व्यक्तित्व रूप में एक संत ही थे आध्यात्मिक होने के साथ ही क्षेत्र के विकास के प्रारम्भिक आधार स्तम्भ थे विकास के उदगम् थे । मल्हार धुनि, नारायण टॉवर, सुभाष चौक घंटाघर का निर्माण इनके कार्यकाल में हुआ । इनके देहावसान के बाद उनके भ्राता श्रीमंत सदाशिव राव पंवार खासे साहब पंवार ने गद्दी संभाली थी और क्षेत्र में कई विकास किए थे। म्हाली और विकास की गंगा को मुर्त रूप दिया । बालगड़ में महारानी म्हालसा बाई कॉटन मिल जो वर्तमान में स्टैण्डर्ड मिल के नाम से जाना जाता है, की स्थापना की शुक्रवारीय हाट में घंटाघर , जीवाजी टॉवर व लायब्रेरी ,महारानी चिमना बाई कन्या स्कूल, जूनियर पॉवर हाऊस 9 नवम्बर 1937 में स्थापित किए । इसके अलावा हर रविवार को माता जी की टेकरी पर जाने के लिए श्रमदान कर रास्ता बनाया ।इसी वर्ष में उन्होंने मल्हार स्मृति मंदिर व गार्डन तथा सयाजी द्वार , माधवराव सिन्धिया द्वार स्टेशन रोड स्थित लाल गेट का निर्माण कराया तथा 1943 में इनका देहावसान हो गया । गार्डन में 4 मार्च 1955 में सदाशिव राव महाराज सा की मूर्ति स्थापित की व उस बगीचे को सदाशिव बाग नाम दिया । जो वर्तमान में उपेक्षा का केंद्र बन जीर्णशीर्ण हो तिरछी अवस्था में आसूं बहा रही है ।

सौंदर्यीकरण के नाम पर हटा दिए राजाओं के फोटो

नगर निगम द्वारा मल्हार स्मृति मंदिर का करोडों रुपए में जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मंच के पिछली तरफ तमाम राजाओं के फोटो जो वर्षों पुराने और संग्रहिण थे, जिन्हें हटाकर जूनियर के राजाओं की निशानी समाप्त कर दी ।उस दौर के घटनाक्रमों को दर्शाते बहुत सुंदर भित्ति तेल चित्रों को नव निर्माण ,कायाकल्प के चलते हटाया जा रहा है ।यही नहीं हॉल में स्टेज के दोनों तरफ अंकित राजकीय शीला लेखों को भी मिटाया जा रहा है ।सीनियर तथा जूनियर दोनों ही जगह कई ऐतिहासिक धरोहरें है जो उपेक्षित है और स्थानीय जनमानस को पता तक नही है ।

जूनियर राजा की प्रतिमा के लिए नहीं है पैसा

 

मल्हार स्मृति मंदिर का जीर्णोद्धार 1 करोड़ 38 की योजना है।इस मामले में जनप्रतिनिधियों को सोचना चाहिए। हम लोग कायाकल्प के विरोधी नहीं है, बल्कि पुरा धरोहर को बचाने के पक्षधर भी है। तमाम लोग शुक्रवार को कलेक्टर के सामने फिर अपना पक्ष रखेंगे।
प्रमोद जाधव, पूर्व अध्यक्ष मराठा समाज

नगर के बुद्धिजीवियों के मन में पीडा है, कि जिस राजा की प्रतिमा अनावरण के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति आए थे, उसी प्रतिमा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रतिमा जिस मंदिर मेंलगाई गई है, वह तिरछा हो गया है। जब संबंध में कई बुद्धिजीवी तथा जूनियर रियासत के मराठा सरदारों ने प्रशासन से संपर्क कर प्रतिमा के सुधार की बात रखी तो फंड का बहाना बना लिया। ये तबका मल्हार स्मृति में बन रहे ओपन जिम और फूड जोन का विरोध कर रहा है। इनका कहना है कि ये सौगात बच्चों, परिवार के लोगों के घूमने के लिए बनाई गई थी, जिसका व्यावसायिक करण किया जा रहा है।

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patrika IMAGE CREDIT: patrika
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