पोषण आहार केंद्र पर चावल मे रेंग रहे थे कीडे गुस्से मे आए sdm

पोषण आहार केंद्र पर चावल मे रेंग रहे थे कीडे गुस्से मे आए sdm

Hussain Ali | Updated: 12 Jun 2019, 05:33:12 PM (IST) Dewas, Dewas, Madhya Pradesh, India

निरीक्षण : एसडीएम ने आंगनवाड़ी केंद्र में खुद खाना खाकर परखी गुणवत्ता, खाना बनाने में हो रहा था घरेलू गैस का उपयोग

देवास. यदि आप अपने नौनिहालों को सिर्फ खाना खाने के लिए आंगनवाड़ी भेज रहे हैं तो सर्तक हो जाइए। इन केंद्रों पर आने वाली भोजन सामग्री की गुणवत्ता तो अक्सर बेहतर नहीं रहती, कई बार गंदगीयुक्त व कीड़े वाली सामग्री को भी पकाकर परोस दिया जाता है। रोटी कड़क, सब्जी, खिचड़ी पतली होना आम बात हो गई। मंगलवार को एसडीएम के निरीक्षण के दौरान भोजन बनाने वाले केंद्र पर कोठी में रखे कच्चे चावलों में कीड़े मिले। अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए। घरेलू रसोई गैस का उपयोग भी यहां पाया गया। संबंधित विभाग जांच व कार्रवाई में लग गए हैं।

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एसडीएम जीवनसिंह रजक सबसे पहले रेवाबाग में आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण पर पहुंचे। यहां रजिस्टर में इंट्री व्यवस्थित नहीं मिली। कुछ अन्य कमियां भी मिलीं। खाने की गुणवत्ता परखने के लिए उन्होंने कटोरी में खाना लेकर खुद खाया। यहां से वारसीनगर क्षेत्र में पहुंचे जहां केंद्र से बच्चे नदारद थे। यहां कार्यकर्ता अवकाश पर थीं। सहायिका ने बच्चों की उपस्थिति कम होने पर कहा पास में शादी है, वहां गए हैं। रजिस्टर में इंट्री व्यवस्थित न मिलने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। लोगों ने एसडीएम से कहाएक सरकारी स्कूल भवन खाली है, उसमें आंगनवाड़ी केंद्र चलाया जाए। इसके बाद चाबी मंगवाकर भवन को खोलकर उसका जायजा लिया। फिर शिक्षा व महिला एवं बाल विभाग विभाग को अवगत करवाते हुए रिपोर्ट मांगी। लोगों ने क्षेत्र में गंदगी आदि के बारे में अवगत कराया, एसडीएम ने कहा आवेदन दो, दिक्कतों का निराकरण करवाया जाएगा।

निरीक्षण लीक नहीं होता तो और पाई जाती खामियां

एसडीएम का यह निरीक्षण औचक था लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही सोशल मीडिया पर प्रस्तावित निरीक्षण सार्वजनिक हो गया था। ऐसे में कई खामियां जो पकड़ में आ सकती थीं, उनको पहले ही दुरुस्त कर लिया गया।

कुपोषित बच्चों के घर पहुंचे, परिजन से की बात

वारसीनगर क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने कुपोषित बच्चों के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि केंद्र पर तीन बच्चे दर्ज हैं, उपस्थित नहीं होने पर एसडीएम पैदल ही एक कुपोषित बच्चे के घर पहुंचे। परिजनों से पूछा तो उन्होंने कहा वजन बढ़ा है, केंद्र जाता है, पहले से सुधार है, एसडीएम ने नियमित आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचाने की समझाइश दी।

दालों के नमूने लिए

~आंगनवाडिय़ों की व्यवस्था व खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने निरीक्षण किया था। चावल में कीड़े मिलने पर चावल, बेसन, मूंग व चने की दाल के नमूने जांच के लिए भेजा जाएगा। घरेलू सिलेंडर भी मिले हैं, जबकि कमर्शियल वाले सिलेंडर का उपयोग होना चाहिए। जहां बच्चों की उपस्थिति कम मिली,ं नोटिस जारी किए जाएंगे।
-जीवनसिंह रजक, एसडीएम ।

कीड़े वाला चावल खाया तो हो सकती है फूड पॉइजनिंग

एसडीएम मोती बंगला कोठी रोड क्षेत्र में उस जगह पहुंचे जहां पूरी आंगनवाडिय़ों को सप्लाय किया जाने वाला भोजन बनता है। यहां करीब 10-12 घरेलू गैस सिलेंडर मिले। कोठियों में भरा कच्चा चावल चेक किया गया तो उसमें कीड़े मिले। इस पर एसडीएम ने कहा क्यों प्रशासन को उलझाने में लगे हो, बच्चों ने यह चावल खा लिया तो फूड पॉइजनिंग हो सकती है। किचन में जाकर बर्तन व अन्य वस्तुओं को भी एसडीएम ने देखा।

आंगनवाड़ी केंद्रों में दर्ज बच्चों की संख्या को लेकर भी बड़ा गेम चल रहा है। अधिकांश केंद्रों पर दर्ज बच्चों की संख्या की तुलना में 50 प्रतिशत भी नहीं पहुंच रहे हैं। निरीक्षण में भी यह बात एक बार फिर से सामने आई।

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