कहीं कड़क तो कहीं जली रोटियां पहुंच रहीं, खिचड़ी-सब्जी पतली

कहीं कड़क तो कहीं जली रोटियां पहुंच रहीं, खिचड़ी-सब्जी पतली
patrika

mayur vyas | Publish: Jun, 08 2019 11:58:52 AM (IST) Dewas, Dewas, Madhya Pradesh, India

-वार्ड क्रमांक-38 के केंद्र में कई बच्चों ने नहीं खाई, लोगों ने खराब गुणवत्ता को लेकर जताई नाराजगी

देवास. आंगनवाडिय़ों में बच्चों के लिए पहुंचाया जाने वाला खाना कई बार अच्छी स्थिति में नहीं पहुंच रहा है। कभी रोटियां जली हुई तो कभी अधपकी हालत में आ रही हैं। इसके अलावा खिचड़ी व सब्जी की हालत कई बार इतनी पतली रहती है कि उसे खाने की जगह पीने की स्थिति बन रही है। शुक्रवार को वार्ड क्रमांक-38 के आंगनवाड़ी केंद्र में रोटी खराब आने के कारण कई बच्चों ने रोटी नहीं खाई और लौट गए। यहां के रहवासियों ने भी खाने की खराब गुणवत्ता को लेकर विरोध जताया।
आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए अलग-अलग दिनों में अलग-अलग मेन्यू निर्धारित किया गया है। इसके हिसाब से लोडिंग वाहनों से खाने का वितरण केंद्रों में किया जाता है। कभी खिचड़ी, कभी रोटी-सब्जी आदि खाना पहुंचाया जाता है। शुक्रवार को रोटी-सब्जी केंद्रों पर पहुंचाई गई लेकिन कई केंद्रों पर रोटियों की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। कोई रोटी तो इतनी कड़क थी कि उसे तोडऩा बच्चों के लिए मुश्किल हो रहा था वहीं कुछ रोटियां जली हुई थीं। वार्ड क्रमांक-38 के तहत रघुनाथपुरा केंद्र क्षेत्र की रहवासी रानी शाह ने बताया आंगनवाड़ी केंद्रों पर कई बार खाना अच्छा नहीं मिल रहा है। खिचड़ी बहुत पतली रहती है, कई बार बच्चे घर लेकर जाते हैं और फेंक दी जाती है। सब्जी भी कई बार इतनी पतली आती है कि अनुपयोगी रहती है। इस तरह का खाना इस भीषण गर्मी में बीमारी का कारण भी बन सकता है। शुक्रवार को रोटियां तो ऐसी थीं कि कई बच्चे उसे देखकर ही केंद्र से चले गए।
नहीं हो रही खाने की गुणवत्ता की व्यवस्थित मॉनिटरिंग
बताया जा रहा है कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाले खाने की व्यवस्थित मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। न तो इसे कई सुपरवाइजर गंभीरता से ले रही हैं और न ही परियोजना अधिकारियों को कोई चिंता है। खाना खराब गुणवत्ता का आने पर कुछ कार्यकर्ताएं जरूर विरोध दर्ज करवाती हैं लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। लोडिंग वाहन का चालक भी सिर्फ खाना लाने की जिमेदारी उस पर होने की बात करके हाथ खड़े कर देता है।
वर्जन
गुणवत्ता जांचकर सुधार करवाएंगे
खाने की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की शिकायत हमें नहीं मिली है। यदि खाना बेहतर नहीं पहुंच रहा है तो उसकी गुणवत्ता की जांच करवाकर स्थिति में सुधार करवाया जाएगा।
-रेलम बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग।

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