सडक़ खोदकर भूले, राहगीर परेशान

Arjun Richhariya

Publish: Feb, 15 2018 06:44:18 (IST)

Dewas, Madhya Pradesh, India
सडक़ खोदकर भूले, राहगीर परेशान

सिर्फ कागजों पर स्वच्छ भारत अभियान

देवास. निगम द्वारा शहर को नंबर बनाने के लिए कागजों और थोथे प्रचारों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, जबकि धरातल पर स्थिति इससे उलट है। निगम द्वारा इंदिरा गांधी चौराहे पर पाईप डालने के लिए गडढे खोदे गए थे, जिन्हें सही तरीके से रिपेयर नहीं किया है, जिसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड रहा है।
वहीं शहर के कई नाले बदबूदार पानी से लोगों को परेशान कर रहे है, लेकिन निगम का ध्यान नहीं जा रहा है। शहर के कई कालोनियों में सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नजर नहीं आ रही है। वहीं कई क्षेत्रों में डे्रनेज का गंदा पानी सडक़ों पर बह रहा है। वहीं निगम द्वारा एक नया प्रयोग शुरू किया है। सोश्यल मीडिया पर अधिकारी और नेता लोगों से शहर को नंबर वन बनाने में सहयोग की अपील कर रहे है। जनता को तो पूरा सहयोग कर रही है, लेकिन निगम अमला धरातल पर ध्यान नहीं दे रहा है। निगम अमला सिर्फ थोथे प्रचार पर ज्यादा फोकस किए हुए है।
शहर के लोग मुक्ति धाम मार्ग नहीं बन पाने से खासे आक्रोश में नजर आ रहे है। ये मार्ग इतना जर्जर है कि अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को खासा परेशान होना पड़ता है।

उधर जागरूक नागरिक ने लिखा कि "बड़े नेता की मौत पर बन जाएगी सडक़"
शहर के जागरूक नागरिक अरूण पडियार ने सोश्यल मीडिया पर अपनी पीडा जाहिर की है। पीड़ा लिखते हुए कहा कि अगर कोई बड़े नेता की मौत हो जाए, और उसके मित्र, रिश्तेदार अगर ऐसी जर्जर सडक़ से गुजर जाए, तो सडक़ ताबड़तोड दूसरे दिन बन जाती है। अपने प्रियजन का शव कंधे पर लेकर नंगे पैर यह यात्रा कैसे होती है मैं नहीं चाहता कि यह अनुभव किसी को भी आए लेकिन इस मर्म को तो समझो कमीशन खोरो। जिंदा लोगों की बात प्रशासन के कानों में नहीं पहुंच पा रही है। बस इतनी ही विनती है कि कम से कम जीते जी कुछ व्यवस्था नहीं कर सके तो मरने के बाद की व्यवस्था तो सही कर लो। पडियार ने शहर के नेताओं को भी अपनी पोस्ट में जमकर कोसा है, बताया जा रहा है शहर का कोई भी नेता इस दर्द को नहीं समझ पा रहा है।

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