शिक्षकों ने ठेके पर दे दिया स्कूल

मनाही के बाद बता रहे अतिथि शिक्षक, निरीक्षण में खुल गई पोल

देवास.अमित एस मंडलोई
न्यू देवास के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थी पढऩे की आस लेकर आते है,लेकिन यहां लापरवाही इस कदर हावी है, कि सरकार से हजारों रुपए वेतन लेने वाले शिक्षकों ने एक शिक्षक को नियुक्त कर दिया। जो अपने आप को अतिथि शिक्षक बताकर इन्हें पढा रहा था । वहीं एक शिक्षक अन्य जगह अटैच, एक विदेश तो प्रभारी शिक्षक ने ऐसा आवेदन दिया जिसमें दिनांक का उल्लेख नहीं है। मतलब ऐसा आवेदन रजिस्टर में रख रखा था कि अगर कोई औचक निरीक्षण करने आ जाए तो उसे बताकर बचा जा सके।
शहर से दूर न्यू देवास में प्राथमिक शाला है। यहां के रजिस्टर में ६७ विद्यार्थी पढऩे आते है, इतना ही मध्याह्न भोजन भी पहुंचता है। इन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी तीन शिक्षकों को प्रशासन ने दे रखी है, लेकिन ये तीनों अपने-अपने कामों से मतलब रखते है। प्रभारी शिक्षक रशीदा दाउदी २२ अप्रैल १८ से गायब है। दाउदी ने निरीक्षण से बचने के लिए एक आवेदन रजिस्टर में रखा हुआ था, जिसमें अवकाश तो लिखा है लेकिन किस दिनांक से किस दिनांक तक कोई उल्लेख नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने अपना प्रभार अतिथि शिक्षक मनीष यादव को दे रखा है, जबकि ये नियुक्ति अधिकारी खुद नियम विरूद्ध बता रहे है। दूसरे शिक्षक जमनादास बैरागी है, जो पढ़ाने से दूर एक साल से डीईओ कार्यालय में अटैच है। तीसरी शिक्षक इंद्रा नागर बिना सक्षम अधिकारियों की स्वीकृति लेकर विदेश गई हुई है। शिक्षकों ने बकायदा मनीष यादव को यहां अतिथि शिक्षक बनाकर रखा हुआ है।
दरअसल वार्ड के पार्षद विनय सांगते को लापरवाह शिक्षकों की शिकायतें मिल रही थी। शिकायत के बाद वे मौका मुआयना करने साढे नौ बजे पहुंचे। उन्होंने इसकी सूचना बकायदा तमाम अधिकारियों को दी थी, इसके बाद बीआरसी दिनेश चौधरी 10.50 मिनट पर पहुंचे। जब सांगते ने यादव की नियुक्ति के बारे में बताया तो वे भी चौंक गए। उन्होंने इस नियुक्ति को नियम विरूद्ध बता दिया। इसके बाद उन्होंने तमाम दस्तावेज चैक किए फिर डीईओ कार्यालय में अटैच बैरागी को बुलाया। उन्हें स्कूल की लापरवाही बताई जिस पर बैरागी ने कहा कि वे खुद स्कूल आना चाहते है, लेकिन कलेक्टर उन्हें जाने नहीं दे रहे है। यहां निरीक्षण के दौरान मात्र दो स्कूली विद्यार्थी मौजूद थे, जो बाहर झाडू निकाल रहे थे और अंदर अतिथि शिक्षक मनीष सोश्यल मीडिया में मशगूल नजर आए। बीआरसी ने वेतन रोकने के निर्देश दिए।
ये बनाया पंचनामा
- सभी शिक्षक सुबह 11 बजे अनुपस्थित पाए गए।
- रशीदा दाउदी २२ अप्रैल २०१८ से अनुपस्थित पाई गई, इनका कोई अवकाश आवेदन नहीं मिला।
- शिक्षक श्याम दास बैरागी अन्य विभाग में अटैच है।
- शिक्षक इंद्रा नागर विदेश दौरे पर है, जिसकी अनुमति नहीं मिली, जो खेदजनक है।
-शाला में पुस्तकें अस्त-व्यस्त मिली ।
- अतिथि शिक्षक की नियुक्ति नियम विरूद्ध मिली।
-चारों ओर गंदगी पाई गई।
ये है स्कूल के शिक्षक जो कर रहे छात्रों से किनारा
सहायक शिक्षक, प्रभारी रशीदा दाउदी ये कई दिनों से छात्रों के बीच आई ही नहीं है। निरीक्षण से बचने के लिए रजिस्टर में एक आवेदन रख छोड़ा है, जिस पर कोई दिनांक का उल्लेख नहीं है।
सहायक शिक्षक श्यामदास बैरागी पिछले एक साल से छात्रों के बीच है ही नहीं। ये डीईओ कार्यालय में अटैच है। मौके पर बीआरसी ने बुलाया तो कहने लगे अधिकारी रिलीव नहीं कर रहे, मैं तो स्कूल आना चाहता हूं। जब पूछा कि अतिथि शिक्षक मनीष उनके यहां किराएदार है तो वे नाराज हो गए।

इंद्रा नागर ये छात्रों को छोड़कर विदेश घूम रही है। बताया जाता है अवकाश तो स्वीकृत करा लिया है, लेकिन विदेश जाने के लिए सक्षम अधिकारी से कोई स्वीकृति नहीं ली गई है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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