Kashi Mahakal Express : यहां नहीं रुकेगी देश की तीसरी कार्पोरेट ट्रेन

- चौथी ऐसी ट्रेन जो देवास आएगी लेकिन ठहराव नहीं, दूरंतो, हमसफर, खजुराहो एक्सप्रेस पहले से ही नहीं रुक रहीं

देवास. यदि आप लक्जरी ट्रेन kashi mahakal express से उप्र के चार-पांच प्रमुख शहरों या फिर देश के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक काशी विश्वनाथ के दर्शन करने वाराणसी जाना चाहते हैं तो आपको देवास से सबसे बेहतर सुविधाओं वाली ट्रेन नहीं मिल सकेगी। इंदौर से वाराणसी (काशी) के लिए शुरू होने वाली देश की तीसरी कार्पोरेट ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस को देवास रेलवे स्टेशन पर ठहराव नहीं दिया गया है। यह चौथी ऐसी ट्रेन बन गई है जो देवास तो आएगी लेकिन रुकेगी नहीं। इससे पहले देवास में इंदौर-मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस, इंदौर-लिंगमपल्ली हमसफर एक्सप्रेस सहित इंदौर-खजुराहो एक्सप्रेस का भी स्टॉपेज नहीं है।

 

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देवास रेलवे स्टेशन से वर्तमान में औसतन 5 हजार यात्री रोजाना आना-जाना करते हैं। इनमें से लगभग ५० प्रतिशत यात्री भोपाल होते हुए अलग-अलग रूटों पर जाने वाली ट्रेनों में सवार होते हैं। इसके अलावा दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेनों पर भी यात्रियों का काफी दबाव रहता है। देवास से उज्जैन, भोपाल, बीना, झांसी, उरई, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी होते हुए पटना वाला रूट यात्रियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है, देवास से सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही ट्रेन उपलब्ध है।

इस रूट पर सप्ताह में तीन दिन इंदौर-पटना एक्सप्रेस व एक दिन इंदौर-गुवाहाटी कामाख्या एक्सप्रेस चलती है। इन ट्रेनों में सालभर ही सीटों के लिए मारामारी की स्थिति रहती है। गर्मी व त्यौहारों के सीजन में तो कई स्टेशनों के लिए देवास से स्लीपर श्रेणी की वेटिंग 300 के भी पार चली जाती है। औद्योगिक शहर होने व बैंक नोट प्रेस होने के कारण देवास में काफी संख्या में उप्र, बिहार के परिवार के निवास करते हैं जिनका विभिन्न अवसरों पर अपने गांव-शहर आना-जाना लगा रहता है। सीटें नहीं मिलने पर कई बार लोगों को बसों से सफर करना पड़ता है वहीं कई लोग उज्जैन, रतलाम, नागदा, भोपाल से लिंक ट्रेनों का सहारा लेते हैं।

 

देश की तीसरी कार्पोरेट ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस इंदौर-वाराणसी के बीच शुरू होने जा रही है। इसके देवास में भी स्टॉपेज की उम्मीद शहरवासियों को थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। इससे लोगों में निराशा है। इस ट्रेन से सफर करने के इच्छुक देवास के लोगों को इंदौर या फिर उज्जैन पहुंचकर ट्रेन पकडऩा पड़ेगी। देवास से कानपुर, लखनऊ की अक्सर यात्रा करने वाले संजय सिंह, देवास से वाराणसी, गाजीपुर साल में कई बार जाने वाली रानी सिंह ने कहा काशी-महाकाल एक्सप्रेस का स्टॉपेज देवास में किया जाना चाहिए था।

भविष्य में इंदौर से फतेहाबाद होते हुए सीधे हो सकता है रूट!

रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगले माह से इंदौर से उज्जैन के लिए फतेहाबाद होते हुए सीधा रूट शुरू होने की संभावना है। इसके बाद काशी-महाकाल एक्सप्रेस को इंदौर से देवास आए बिना सीधा उज्जैन फतेहाबाद वाले रूट से चलाया जा सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि अधिकारियों ने फिलहाल नहीं की है।

 

100 फीट की ऊंचाई पर तिरंगे का शुभारंभ सोमवार को

देवास रेलवे स्टेशन के बाहर 100 फीट की ऊंचाई पर तिरंगा ध्वज फहराने के स्थायी इंतजाम किए गए हैं। इसका शुभारंभ पहले गणतंत्र दिवस पर करने की तैयारी थी लेकिन कार्यक्रम टल गया था। अब सोमवार को इसका शुभारंभ किया जाएगा। इसमें सांसद, विधायक सहित डीआरएम रतलाम व अन्य अधिकारी शामिल होंगे।

आईआरसीटीसी ने तय किए हैं स्टॉपेज

कार्पोरेट ट्रेन होने के कारण इसके स्टॉपेज का निर्धारण आईआरसीटीसी द्वारा किया गया है। समय की बचत और इंजन को उज्जैन में इधर से उधर करने की स्थिति से बचने के लिए हमने फतेहाबाद होते हुए ट्रेन चलाने का सुझाव दिया था। आगे इसको लेकर क्या निर्णय होगा, यह अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता। खजुराहो एक्सप्रेस के देवास में ठहराव को लेकर वरिष्ठ कार्यालय से सिफारिश की जाएगी।

-विनीत गुप्ता, डीआरएम रतलाम मंडल।

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