निर्माणकार्य में बाधा बन रहे इमली के पेड़

बड़ी जनहानि की आशंका को लेकर नगर के युवा भी हुए लामबंद

लोहारदा. बिजवाड़-खातेगांव मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। यह सड़क नगर की भी प्रमुख सड़क है तथा सड़क के दोनों ओर रहवासी बस्ती व नगर के प्रमुख निजी विद्यालय संचालित होते हैं। निर्माणी कंपनी सड़क निर्माण के दौरान पुराने पेड़ों को भी काट रही थी, परंतु नगर में सड़क के किनारे खड़े पुराने इमली के पेड़ों को नहीं काटा। इस पेड़ों के एक ओर सड़क तथा दूसरी ओर नाली का निर्माण किया जा रहा है। यदि इन पेड़ों को नहीं काटा गया तो रहवासियों ने चरणबद्ध आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।
जड़ें सड़ चुकी, पेड़ झुग गए
उल्लेखनीय है सैकड़ों वर्ष पुराने इन इमली के पेड़ों की जड़ें लगभग सड़ चुकी हैं तथा उक्त पेड़ जो बरसों पहले बिल्कुल सीधे थे वे रहवासी बस्ती व माहेश्वरी मांगलिक भवन की ओर झुक चुके हैं। ऐसी स्थिति में यदि निर्माणी कंपनी नाली का निर्माण पेड़ों के दूसरी ओर करेगी तो इन पेड़ों की जड़ें पूर्ण रूप से सड़ जाएंगी तथा खोखला होने व दूसरी तरफ सड़क पर आवागमन का दबाव होने से उक्त झुके हुए पेड़ किसी भी दिन रहवासी बस्ती तथा माहेश्वरी मांगलिक भवन पर गिर जाएंगे, जिससे निश्चित ही बड़ी जनहानि होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में पहले भी नगर के नागरिकों द्वारा कलेक्टर देवास, निर्माणी कंपनी, नगर परिषद कार्यालय लोहारदा को लिखित आवेदन देकर मानवीय दृष्टिकोण से इन पेड़ों को काटने के लिए दिया है परंतु आज दिनांक तक कोई कार्रवाई प्रशासनिक स्तर से नहीं की गई है।
इस संबंध में नगर के युवाओं द्वारा आगे आकर रविवार को दोपहर में तीन बजे इस स्थल का निरीक्षण कर पेड़ों को कटवाने संबधित अपील प्रशासन से की है। युवाओं के द्वारा जब इस संबंध में नायब तहसीलदार सतवास से चर्चा की गई उन्होंने बताया, जांच प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर देवास को प्रेषित कर दिया है। वहां से आदेश आने के बाद कोई कार्रवाई की जा सकेगी। इस पर मौके पर उपस्थित मनोज तापडिय़ा, नारायण समाधिया, सोनू मानधना, गौरव बाल्दी, मोनु मानधना, अंकुश सारड़ा, प्रमोद मूंदड़ा आदि ने प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। इस अवसर पर श्याम मालू, शुभम मानधन्या, द्वारका सारड़ा, बसंत यादव, अमित मालू, अर्पित मूंदड़ा, विजय सीरा, कन्हैया पटेल, अखिलेश मूंंदड़ा, नंदा माली, संजय परसाई, श्रीकांत व्यास आदि उपस्थित रहे।

"मैंने शासन के चीफ इंजीनियर से विशेष परमिशन ली है। यदि सड़क की चौड़ाई कम भी करना पड़े तो करेंगे। इन पेड़ों को काटने का कार्य मैंने बंद कराया है। मैं पेड़ों को काटने वाले ठेकेदार को उक्त पेड़ काटने की अनुमति नहीं दूंगा। "
-भास्कर आनंद श्रोत्रीय, वरिष्ठ इंजीनियर, सड़क निर्माण कंपनी

अर्जुन रिछारिया Incharge
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