VIDEO एक-एक पैसा जोड़ा, जब लेने गए बैंक तो क्या बोल गए अधिकारी

Amit S mandloi | Publish: Apr, 17 2019 01:01:39 PM (IST) Dewas, Dewas, Madhya Pradesh, India

- विक्रम सहकारी संस्था में अटका बकायादारों का पैसा, मंगलवार को भी हुआ हंगामा

देवास. विक्रम सहकारी संस्था नयापुरा तुकोगंज रोड पर बकायादार रोज अपने पैसों के लिए चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें अपना पैसा नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को भी यहांं पर जमकर हंगामा हुआ। दोपहर 12 बजे के करीब कई लोग अपना पैसा लेने के लिए संस्था के कार्यालय पहुंचे तो उन्हें मना कर दिया गया। इस पर नाराज लोग पुलिस के पास भी पहुंचे व संस्था के खिलाफ आवेदन दिया। वहीं संस्था के प्रबंधक कृष्ण राय कहते है कि नोटबंदी के बाद से ही संस्था की आवक बंद सी हो गई, लोग पैसा जमा कराने ही नहीं आए इस कारण संस्था की वित्तीय स्थिति गड़बड़ा गई।

हालाकि उनके इस जवाब से मौजूद लोग संतुष्ट नहीं थे, उनका कहना था कि संस्था का पैसा कहीं और लगा दिया गया है, जल्द ही ये लोग यहां से भाग जाएंगे। अनुकूल नगर निवासी आरसी चव्हाण शासकीय नौकरी से रिटायर्ड हो चुके हैं, बोले 65 साल की उम्र में संस्था कार्यालय के चक्कर काट रहा हूं, मैंने 1990 में तीन एफडी करवाई थी, जिसकी कुल राशि छह लाख रुपए है, जिसकी परिपक्वता अवधि पूर्ण हो चुकी है, उसके बाद भी मुझे उक्त एफडी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मेरे दरा जब भी संस्था में बात की गई है तो मुझे टाल दिया जाता है व किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है। मुझे समझाने के लिए तीन माह पूर्व एक चेक दिया गया था, जो बाउंस हो गया। रघुनाथपुरा निवासी अय्यूब खान भी पैसा लेने के लिए मंगलवार को संस्था के कार्यालय पहुंचे थे, बोले मेरे 70 हजार रुपए नहीं दिए जा रहे, करीब एक साल से चक्कर काट रहा हूं। एमजी रोड निवासी मधुबाला जैन के संस्था में 10 लाख रुपए जमा है। उन्हें अपनी भानेज के इलाज के लिए पैसा चाहिए लेकिन पिछले एक साल से पैसा देने के नाम पर चक्कर खिलाए जा रहे हैं। रेशम बाई के संस्था में 4 लाख रुपए जमा है।

मंगलवार को भी वे घर के अन्य सदस्यों के साथ पैसा लेने के लिए आई थी, लेकिन एक बार फिर से उन्हें मना कर दिया गया। यहां अन्य कई लोग भी मिले जो पिछले एक साल से अधिक समय से अपने पैसे के लिए चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें पैसा नहीं दिया जा रहा है।

 

आजकल आवक का ट्रैफिक बंद हो गया है, एक साल से केवल जावक का ही ट्रैफिक ही चल रहा है। नोटबंदी के बाद लोगों का पैसा आना बंद हो गया, जिसके कारण संस्था की हालत खराब हो गई। लोगों का लोन जरूर चल रहा है।
कृष्ण राय, प्रबंधक
विक्रम सहकारी संस्था देवास।

संस्था में ढाई हजार खातेधारक

संस्था में करीब ढाई हजार खातेधारक है, अधिकांश खातेधारकों को पिछले एक से डेढ़ साल से अपनी एफडी व बचत खाते में जमा राशि नहीं मिल रही है। प्रबंधक कृष्णराय का कहना है कि ढाई हजार खातेधारकों का करीब डेढ़ करोड़ से अधिक रुपए जमा है। पैसा देने की बात पर वे कुछ भी साफ नहीं कहते। केवल खराब परिस्थिति का हवाला देकर अपनी बात पूरी कर रहे है। मंगलवार को कई खातेधारक उन्हें खरी खोटी सुनाते रहे लेकिन वे जरा भी विचलित नहीं हुए। केवल अपनी बात पर अड़े रहे कि जब पैसा आएगा तब दे दिया जाएगा।

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