घर से बोलकर निकली जा रही हूं कॉलेज, 1 दिन बाद मिली बॉयफ्रेंड के साथ इस हालत में कि फट गया बाप का कलेजा

घर से बोलकर निकली जा रही हूं कॉलेज, 1 दिन बाद मिली बॉयफ्रेंड के साथ इस हालत में कि फट गया बाप का कलेजा

गर्लफ्रेंड की मांग में सिंदूर भरकर दोनों ने उठा लिया खौफनाक कदम

धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक ऐसा मामला सामने आया जिसमे एक प्रेमी जोड़े में ऐसा प्यार का परवान चढ़ गया था की दोनों घर से भागकर साथ जीने मरने की कस्मे खाते हुए शादी तो कर ली। पर जब दोनों को लगा की इस रिश्ते को परिवार वाले स्वीकार नहीं करेंगे तो भावावेश में आकर दोनों ने खौफनाक कदम उठा लिया।

मिली जानकारी के अनुसार घर से कालेज जाने के नाम पर निकली युवती की लाश एक दिन बाद प्रेमी के साथ फांसी के फंदे पर लटकी मिली। युवती की मांग में सिंदूर भी लगा है, जिससे यह कहा जा रहा है कि मरने से पहले युवक ने उसकी मांग भरी होगी। बहरहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

उल्लेखनीय है कि रविवार की रात 8 बजे कोलियारी से शंकरदाह मुख्य नहर मार्ग के एक खेत में युवक-युवती दुपट्टे के सहारे फांसी के फंदे पर झुलते मिले। राहगीरों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास गांव के लोगों से उसकी शिनाख्तीकी कोशिश की, लेकिन जब कुछ पता नहीं चला, तो पुलिस ने लाश को बबूल पेड़ से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया। गौरतलब है कि मौके पर बाइक, मोबाइल, बैग, चप्पल आदि कुछ भी सामान नहीं मिला, जिससे उसका नाम, पता मालूम हो सके।

suicide news

पुलिस ने युवक की जेब की जब जांच की गई, तो उसमें उक्त युवती की फोटो मिली। फोटो के लिफाफा मेें फोटो स्टूडियो गाड़ाडीह लिखा था। पुलिस ने इस पते पर फोन कर वाट्सअप में फोटो भेजा, तब उसकी शिनाख्ती दिव्या यादव (20) पिता भुजबल यादव कानाकोट (मचांदूर) थाना उतई दुर्ग के रूप में हुई।

यूं चढ़ा प्यार का परवान
सूत्रों के मुताबिक युवती की पहचान अपनी नानी गांव रूदा (दुर्ग) के एक सजातीय युवक से हो गई और दोनों के बीच प्यार का परवान चढ़ गया। लंबे समय तक दोनों छुप-छुपकर मिलते रहे। परिवार और समाज के डर से शनिवार को दोनों धमतरी की ओर निकल गए। उन्होंने एक साथ जीने-मरने की कसमें खाते हुए शादी भी कर ली। शायद उन्हें लगा होगा कि परिवार इस रूप में उन्हें स्वीकार नहीं करेगा, तो उन्होंने भावावेश में आकर सोमवार की रात नहर किनारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से गांव में शोक की लहर फैल गई।

जब बाप का कलेजा थरका
खबर पाकर सोमवार को दोपहर 1 बजे जिला अस्पताल पहुंचे भुजबल यादव को चीरघर में जैसे ही पुलिस ने लाश की शिनाख्त कराई, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अपनी बड़ी बेटी की लाश को देखकर वह फफक-फफक कर रोने लगा। किसी तरह गांव के सरपंच विजय कुमार व परिजनों ने उसे सम्हाला। भुजबल ने बताया कि दिव्या शनिवार को सुबह 10 बजे कालेज जाने के लिए निकली थी, जो लौटकर नहीं आई। शाम तक घर नहीं आने के बाद खोजबीन की और उतई थाने में गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई गई। बताया गया है कि दिव्या घर में चार बेटियों में सबसे बड़ी थी। जामगांव कालेज में वह बीएससी सेकंड ईयर की छात्रा थी। परिजनों का कहना है कि उसे बहला-फुसला कर सुनियोजित तरीके से प्रेमजाल में फंसाया गया।

टीआई अर्जुनी के भूषण लाल ने बताया यह प्रेम प्रसंग का मामला है। घटनास्थल पर कुछ भी सामान नहीं मिला है। दोनों यहां कब और कैसे पहुंचकर यह आत्मघाती कदम उठाया, इसकी सूक्ष्मता से जांच की जा रही है।

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