हाइटेक बस स्टैंड निर्माण में लोगों ने जताई आपत्ति, 10 को होगा फैसला

हाइटेक बस स्टैंड निर्माण में लोगों ने जताई आपत्ति, 10 को होगा फैसला

Deepak Sahu | Publish: Sep, 06 2018 06:30:00 PM (IST) Dhamtari, Chhattisgarh, India

तहसीलदार ने 10 सितंबर को सुनवाई के लिए निगम के अधिकारी और व्यापारियों को बुलाया है

धमतरी. चुनाव का सीजन नजदीक आते ही हाईटेक बस स्टैंड निर्माण की योजना एक बार फिर अधर में लटक गई है। अधिकारियों ने भी इस मुद्दे को लेकर चुप्पी साध ली है।

उल्लेखनीय है कि नया बस स्टैंड में करीब ७ करोड़ की लगात से हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण किया जाना था। इसके लिए पेंटिनगंज के जमीन का कुछ हिस्सा खाली कराया जाना था, लेकिन निगम प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में अब जिला और निगम प्रशासन की टीम ने अर्जुनी में हाईटेक बस स्टैंड निर्माण की योजना बनाई है। जैसे ही इसकी जानकारी व्यापारियोंं और शहरवासियों को हुई, इसे लेकर विरोध का स्वर तेज हो गया। व्यापारी लक्ष्मण साहू, दयाशंकर सोनी, कन्हैयालाल वाधवानी समेत अन्य व्यापारियों ने इस मामले में तहसील कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज करा दी थी।

अब तक इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी है। उधर विपक्षी पार्षदोंं का स्पष्ट आरोप है कि चुनाव के मद्देनजर ही निगम प्रशासन इसके निर्माण कार्य को लेकर लेट लतीफी कर रहा है। नेता प्रतिपक्ष अनुराग मसीह का कहना है कि शहर की बहुप्रतिक्षित मांग हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण अब तक हो जाना चाहिए था, लेकिेन निगम प्रशासन जान-बूझकर इसमें देरी कर रहा है। ऐसा लगता है मानो चुनाव के मद्देनजर ही अब इस मामले को उलझाने की कोशिश की जा रही है।

सुनेंगे दलील
बताया गया है कि तहसीलदार ने 10 सितंबर को सुनवाई के लिए निगम के अधिकारी और व्यापारियों को बुलाया है। दोनों पक्षोंं की दलीलों को सुनने के बाद जो भी फैसला आएगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि वे किसी भी सूरत में बस स्टैंड को बाहर नहीं ले जाने देंगे। यदि जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन भी किया जाएगा।

नगर निगम आयुक्त रमेश जायसवाल ने बताया कि हाईटेक बस स्टैंड निर्माण को लेकर सुनवाई होना बाकी है। फैसला आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

राशि हो सकता है लेप्स
निगम सूत्रों की मानें तो हाईटेक बस स्टैंड निर्माण के लिए राज्य शासन ने करीब ७ करोड़ रूपए की मंजूरी दी। पूर्व में शासन ने साढ़े ५ करोड़ की स्वीकृति दी थी, लेकिन लेटलतीफी के चलते राशि लेप्स हो गया। और निर्माण कार्य की राशि में २ करोड़ की बढ़ोत्तरी हो गई। वर्तमान में भी लगातार हो रही लेट लतीफी से राशि लेप्स होने का खतरा बना हुआ है।

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