मोबाइल एप के जरिए घर बैठे ही स्ट्रांग रूम की निगरानी कर सकते है प्रत्याशी

मोबाइल एप के जरिए घर बैठे ही स्ट्रांग रूम की निगरानी कर सकते है प्रत्याशी

Deepak Sahu | Publish: Nov, 24 2018 02:31:41 PM (IST) Dhamtari, Dhamtari, Chhattisgarh, India

विधानसभा क्षेत्र का कोई भी प्रत्याशी अपने घर बैठे स्ट्रांग रूम में बंद ईवीएम मशीन को अपने मोबाइल के माध्यम से निगरानी कर सकेगा।

धमतरी. विधानसभा चुनाव के बाद निर्वाचन आयोग ने इवीएम व वीवीपैट मशीन की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया है। इसके तहत आयोग की ओर से एक ऐसा एप लांच किया गया है, जिसका उपयोग कर विधानसभा क्षेत्र का कोई भी प्रत्याशी अपने घर बैठे स्ट्रांग रूम में बंद ईवीएम मशीन को अपने मोबाइल के माध्यम से निगरानी कर सकेगा। हालांकि इसके लिए अब तक जिला प्रशासन को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है कि जिले के धमतरी और कुरूद विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस-भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों के त्रिकोणीय संघर्ष हुआ है। जबकि सिहावा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला हुआ। चुनाव में मदाताओं ने भी बढ़-चढक़र हिस्सा लिया, जिसके चलते पिछले कई साल का मतदान का रिकार्ड टूटा है। इसे लेकर प्रत्याशी भी उत्साह से भरे नजर आ रहे हैं।

चुनाव के बाद जिला प्रशासन ने इवीएम व वीवीपैट मशीन को लाइलीहुड कालेज स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवा दिया है। यहां निगरानी के लिए दो लेयर में सुरक्षा व्यवस्था की गई है। स्ट्रांग रूम के बाहर जिला पुलिस बल के जवान तैनात है। जबकि अंदर में अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया। इसके अलावा सीसी टीवी कैमरे की मदद से भी पल-पल की निगरानी की जा रही है।

सिहावा, रिटर्निंग आफिसर, केआर ओगरे ने बताया निर्वाचन आयोग के गाइड लाइन के अनुसार ही प्रत्याशियों को यह सुविधा प्रदान की जा रही है। प्रत्याशी या उनके एजेंट चाहे तो मोबाइल एप के माध्यम से भी स्ट्रांग रूम की निगरानी कर सकते हैं।

पादर्शिता लाने का उद्देश्य
गौरतलब है कि पिछले दिनोंं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ सीआर प्रसन्ना और एसपी रजनेश सिंह ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। उधर चुनाव में पारदर्शिता लाने और निष्पक्ष चुनाव कराने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने एक एप लांच किया है ,जिसके माध्यम से प्रत्याशी घर बैठे मोबाइल के माध्यम से निगरानी कर सकेंगे।

नहीं मिला आवेदन
सूत्रों की मानें तो इस एप के माध्यम से निगरानी की सुविधा के लिए प्रत्याशी व उनके द्वारा नियुक्त एजेंट को संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर से नियमानुसार अनुमति लेना होगा। इसके बाद ही प्रत्याशी या उनके एजेंट को यह सुविधा प्रदान की जाएगी। बताया गया है कि यह गोपनीय एप है। हालंाकि अब तक इस एप के लिए एक भी आवेदन नहीं मिला है।

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