यहां के Girl हॉस्टल की छात्राएं रात में रहती हैं डरी सहमी, वजह जान हैरान रह जाएंगे आप

जिसके चलते यहां के Girl हॉस्टल की छात्राओं को बदमाशों के खौफ के साय में रात गुजारनी पड़ रही है।

By: चंदू निर्मलकर

Published: 10 Nov 2017, 04:19 PM IST

धमतरी. जिले में संचालित 23 Girls हॉस्टल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते यहां के Girl हॉस्टल की छात्राओं को बदमाशों के खौफ के साय में रात गुजारनी पड़ रही है। पढ़ाई करने वाली छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ एक-एक डंडाधारी महिला सैनिक के भरोसे हैं। उनके छुट्टी में चले जाने पर हॉस्टल की सुरक्षा बदहाल हो जाती है। आलम यह है कि Girl हॉस्टल में कभी भी कोई बदमाश आसानी से घूसकर अपनी घिनौनी वारदात को अंजाम दे सकता है। जानिए पूरा मामला..

उल्लेखनीय है कि जिले में 58 हॉस्टल हैं, जिसमें 56 Girl हॉस्टल शामिल हैं। यहां की निर्धारित सीट 3 हजार 45 है, जिसमें से वर्तमान में 25 सौ सीट भरे हुए हैं। प्रदेश में लगातार बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाओं को देखते हुए शासन ने सभी Girl हॉस्टल में 3-3 महिला नगर सैनिकों की ड्यूडी लगाने का निर्देश दिया था, जिसका अब तक पालन नहीं हुआ। कुछ साल पहले हॉस्टल में 2-2 महिला नगर सैनिकों की ड्यूटी जरूर लगाई गई थी, जिसमें से बाद में 1-1 नगर सैनिकों वापस बुलाया लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी वनांचल के निर्राबेड़ा, भैंसामुड़ा समेत अन्य गांवों की छात्राओं को हो रही है। शाम होने के बाद उनका परिसर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि यह माआवोद प्रभावित क्षेत्र भी है।

 

Girl Hostel

बढ़ानी चाहिए संख्या
महिला सैनिकों ने बताया कि सैनिकों की संख्या कम होने के कारण उन्हें चौबिस घंटो ड्यूटी करनी पड़ती है। कई बार तो उन्हें आवश्यक काम आने पर भी छुट्टी नहीं मिल पाती है। हास्टल का निगरानी करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए महिला सैनिकों की संख्या बढ़ानी चाहिए, जिस पर अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।

गल्र्स हास्टल में एक-एक नगर सैनिकों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर सैनिकों की और मांग की गई है।
बीआर बंजारे,सहायक संचालक आदिम जाति कल्याण विभाग

चंदू निर्मलकर Desk
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