धमतरी: जमीन विवाद में दो पक्षों के बीच भड़का विवाद, कलेक्टर और एसपी ने संभाला मोर्चा

डूबान के ग्राम तिर्रा में पिछले करीब 10 सालों से चल रहा जमीन संबंधित विवाद में उस समय नया मोड़ आ गया, जब एक वर्ग विशेष ने एक समुदाय विशेष के शमशान घाट से शोभायात्रा निकाली।

By: Ashish Gupta

Published: 15 Oct 2021, 12:47 AM IST

धमतरी. डूबान के ग्राम तिर्रा में पिछले करीब 10 सालों से चल रहा जमीन संबंधित विवाद में उस समय नया मोड़ आ गया, जब एक वर्ग विशेष ने एक समुदाय विशेष के शमशान घाट से शोभायात्रा निकाली। विरोध स्वरूप उन्होंने थाना में धरना दिया। उल्लेखनीय है कि इस जमीन को लेकर मामला न्यायालय में भी चल रहा है। कवर्धा कांड के बाद एहतियात के तौर पर किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को टालने के उद्देश्य से कलेक्टर और एसपी ने यहां दलबल के साथ पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

धमतरी से करीब 60 किमी दूर डूबान क्षेत्र के गांव तिर्रा में दो सम्प्रदाय के बीच वर्ष 2010 से जमीन संबंधित विवाद चल रहा है। इसे सुलझाने के लिए अब तक कई बार प्रयास किया जा चुका है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने से मामला अटका हुआ है। पूर्व में यहां तनाव की स्थिति भी निर्मित हो चुकी है। इसे देखते हुए विवादस्पद जगह पर पुलिस बल तैनात किया गया है। विगत 12 अक्टूबर को विश्व हिन्दू परिषद ने स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन देकर 7 दिन के अंदर इस मामले को सुलझाने की मांग की थी। उन्होंने विवादस्पद जमीन का सीमांकन करने की मांग की।

इस अल्टीमेटम के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। 13 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे कलेक्टर पीएस एल्मा और एसपी प्रफुल्ल ठाकुर दलबल के साथ ग्राम तिर्रा पहुंचे और उन्होंने दोनों पक्षों के लोगों से अलग-अलग बुलाकर चर्चा की। इसके बाद एहतियात के तौर पर 14 अक्टूबर को सुबह ग्राम तिर्रा में बाहरी लोगों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों समुदाय के जमीन संबंधित मामले का सीमांकन कार्य चार-पांच दिन के अंदर कर लिया जाएगा।

सद्भावना होगी मजबूत
गौरतलब है कि ग्राम तिर्रा में एक समय यहां रहने वाले लोगों के आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की जाती थी। वे एक-दूसरे के धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। यहां तक कि सुख-दुख में भी साथ रहते थे, लेकिन जब से यह जमीन संबंधित विवाद शुरू हुआ है तब से इनके बीच एक रेखा खींच गई है। हालांकि यहां के शांतिप्रिय नागरिकों को भरोसा है कि यह विवाद सुलझ जाएगा। यहां फिर से प्रेम और सद्भावना मजबूत होगी।

प्रशासन पर भेदभाव का आरोप
एक समुदाय विशेष के लोगों ने विवादस्पद स्थान से शोभायात्रा निकाले जाने की अनुमति दिए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अकलाडोंगरी थाना के सामने धरना दे दिया। उनका कहना है कि यहां हमारे बुजुर्गो की कब्र है। प्रशासन ने पूर्व में ही जब प्रतिबंध लगा दिया है, तो फिर क्यों शोभायात्रा के लिए अनुमति दी गई। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और गृहमंत्री समेत प्रदेश के आला अधिकारियों से भी की है।

कलेक्टर पीएस एल्मा ने कहा, तिर्रा का मामला को सुलझाना बहुत जरूरी है। इसमें सभी पक्षों को परस्पर सहयोग करना चाहिए। भविष्य में यह विवाद समाप्त हो, इसके लिए हल ढूंढा जा रहा है।

एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने कहा, ग्राम तिर्रा में दोनों पक्षों के बीच जो विवाद है,उसका जल्द ही निराकरण किया जाएगा। परस्पर विश्वास पैदा करने के लिए प्रशासन अपना प्रयास कर रहा है।

Ashish Gupta
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