बैंकों के चिपयुक्त एटीएम-डेबिट कार्ड से भी बंद नहीं हुई ठगी, साइबर क्राइम बढ़ा

बैंकों के चिपयुक्त एटीएम-डेबिट कार्ड से भी बंद नहीं हुई ठगी, साइबर क्राइम बढ़ा

Deepak Sahu | Publish: Mar, 17 2019 04:36:52 PM (IST) | Updated: Mar, 17 2019 04:36:53 PM (IST) Dhamtari, Dhamtari, Chhattisgarh, India

सूत्रों की मानें तो ठग अब एटीएम या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन ठगी करने के लिए नए तरीके का उपयोग कर रहे है।

धमतरी. बैकों ने अपने उपभोक्ताओं को साइबर क्राइम से बचाने के उद्देश्य से चिपयुक्त एटीएम और डेबिट कार्ड जारी किया है, लेकिन बदलते परिवेश के साथ ही यह बैंकों का यह उपाय भी फेल होने लगा है। सूत्रों की मानें तो ठग अब एटीएम या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन ठगी करने के लिए नए तरीके का उपयोग कर रहे है। ऐसे में उपभोक्ताओं की नींद उड़ गई है।

उल्लेखनीय है कि केन्द्र शासन देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने और नगद लेन-देन को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दे रहा है। इसके लिए सबसे ज्यादा फोकस बैंकिंग सेक्टर में किया गया है।यही कारण है कि नोटबंदी से लेकर अब तक बैकिंग सेक्टर के नियमों में 50 से अधिक बार परिवर्तन किया जा चुका है।

उधर शासन के निर्देश के बाद ही सभी बैंकों ने अपने-अपने उपभोक्क्ताओं का आधार कार्ड, पेन कार्ड समेत सभी दस्तावेजों को अपडेट कराकर उन्हें डिजिटल लेन-देन के लिए एटीएम, डेबिट और रूपे कार्ड का भी वितरण कर दिया है, लेकिन जानकारी के अभाव में अधिकांश उपभोक्ता ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो बीते दो सालों में जिले में ऑनलाइन ठगी के 30 से अधिक प्रकरण सामने आया है, जिसमें सबसे ज्यादा प्रकरण एटीएम से ऑनलाइन ठगी का है। वर्तमान में बैंक की ओर से जारी किए गए चिपयुक्त एटीएम और डेबिट कार्ड भी सुरक्षित नहीं है।

कुछ नहीं कर पा रहा बैंक
अब तो ठग इतने हाइटेक हो चुके हैं, कि एटीएम नंबर और बिना ओपीटी तथा सीसीवीवी नंबर के बिना भी वे आसानी से बैंक खातों से राशि उड़ा रहे हैं। बताया गया है कि यह सब ई-कामर्स वेबसाइट से डाटा चुराकर किया जा रहा है। उधर बैंकों के पास पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के चलते वे भी अपने उपभोक्ताओं को जागरूक करने के सिवाए कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

ऐसे करते हैं ठगी
साइबर एक्सपर्ट की मानें तो गूगल में कई ई-कामर्स वेबसाइट है, जिस पर एटीएम स्कीमर ७ हजार रूपए तक में मिल जाता है। ऐसे में ठग स्कीमर में कॉपी डेटा एक प्लेन कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप में कापी कार्ड मशीन के जरिए एक स्वैप में ही सेव कर लेते हैं, जिसके बाद वे उपभोक्ता से एटीएम या डेबिट कार्ड के पिन नंबर और ओटीपी के नंबर पूछे बिना संबंधित व्यक्ति के खातों से आसानी से राशि का आहरण कर लेते हैं।

केस-1
महिला सुषमा दिल्लीवार ने बताया कि उसके मोबाइल में एक कॉल आया। उसने एटीएम अपडेट करने के नाम पर पिन नंबर और अन्य जानकारी ले लिया। करीब 1 मिनट के बाद उसके खाते से 9 हजार रूपए का ट्रांजेक्शन हो गया।

केस-2
कंडेल निवासी मधुलाल कृष्णवंशी ने बताया कि उसके मोबाइल पर एक कॉल आया। ठग ने ब्लाक एटीएम को फिर से शुरू करने के लिए उससे पुराना एटीएम का सीसीवीवी ओर पिन नंबर पूछ लिया। इसके 20 मिनट बाद उसके खाते से 28 हजार रूपए निकाल लिया गया।

केस-3
धमतरी गौरव पथ निवासी शिक्षिका सरिता शर्मा को भी उनके मोबाइल पर कॉल आया। उनसे खाता को अपडेट करने के नाम पर एटीएम समेत अन्य जानकारी ले ली गई, जिसके बाद खाते से 24 हजार की चोरी हो गई।

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