माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया डिप्टी कमांडर, पुलिस ने घेरा 20 गांवों को

माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया डिप्टी कमांडर, पुलिस ने घेरा 20 गांवों को

Deepak Sahu | Publish: Sep, 05 2018 11:20:55 AM (IST) Dhamtari, Chhattisgarh, India

सर्चिंग दल की मादागिरी की पहाड़ में माओवादियों के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसमें गोबरा एलओएस का डिप्टी कमांडर जयसिंह मारा गया।

धमतरी. बस्तर में माओवादियों पर बढ़े दबाव के बाद वे सुरक्षित ठिकाने की तलाश में धमतरी जिले में पनाह ले रहे हैं। इसके बाद यहां की पुलिस सक्रिय हो गई है। सोमवार की देर शाम सर्चिंग दल की मादागिरी की पहाड़ में माओवादियों के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसमें गोबरा एलओएस का डिप्टी कमांडर जयसिंह मारा गया। सर्चिंग दल ने माओवाद प्रभावित करीब 20 गांवों में अपनी सर्चिंग तेज कर दी है। पुलिस को संदेह है कि कुछ और माओवादी यहां छिपे होंगे।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को एसपी रजनेश सिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मादागिरी और तेंदूडोंगरी के बीच देर शाम माओवादियों की बैठक होने वाली है। खबर के बाद तत्काल उसने माओवादी मूवमेंट के लिए बनाई गई स्पेशल पुलिस पार्टी ई-13 को अलर्ट कर दिया और सर्चिंग के लिए उन्हें जंगल में रवाना कर खुद भी सिहावा पहुंच गए। ई-13 पार्टी जब जंगल में सर्चिंग करते हुए मेचका थाना से 10 किमी दूर तेंदूडोंगरी के जंगल में पहुंची, तो माओवादियों को उनकी आहट मिल गई।

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इसके बाद बड़े खतरे को भांपते हुए माओवादियों ने पुलिस पार्टी पर फायर करना शुरू कर दिया। जवानों ने भी उसका मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों ओर से करीब आधे घंटे तक गोलीबारी चलती रही, इसके बाद जवानों को भारी पड़ता देख माओवादियों ने फायरिंग बंद कर भागना शुरू कर दिया। गोलियों की आवाज शांत होने के बाद पुलिस ने जब मौके की तलाशी ली तो एक माओवादी की लाश बरामद हुई। मौके पर एक पिस्टल भी मिली है। घटनास्थल पर कई जगह पुलिस को खून के थक्के देखने को मिले हैं।

की जा रही है सर्चिंग
मुठभेड़ के बाद मौके पर जगह-जगह मिले खून के धब्बे के निशान को देखते घायल माओवादियों के कहीं आसपास गांवों में ही छिपे होने का अंदेशा है। पुलिस के सर्चिंग दल ने सिहावा, नगरी, मेचका, खल्लारी, बोराई थाना के पुलिस जवानों के साथ ही रिसगांव, बहीगांव, बिरनासिल्ली, खल्लारी सीएफ और सीआरपीएफ जवान मादागिरी, उजरावन, गादुलबाहरा, बोईरगांव, संदबाहरा, रिसगांव, करका, आमाबहार, करही, गाताबाहरा आदि गांवों में जंगल और घरों में विशेष रूप से सर्चिंग अभियान शुरू किया है।

यह है स्पेशल टीम
गौरतलब है कि जिले में माओवादी मोर्चे में माओवादियों के खिलाफ प्रभावी और मारक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस मुख्यालय ने ई-13 याने इफेक्टिव-13 नाम से स्पेशल पुलिस पार्टी बनाई है। एक से लेकर 13 तक की छोटी-छोटी टुकडिय़ों को जंगलों में लडऩे के लिए विशेष रूप से ट्रेंड किया गया है। इफेक्टिव ग्रुप टारगेट ओरियेंटेड काम
करता है।

कई मामले में केस दर्ज
बताया गया है कि मारा गया इनामी माओवादी गोबरा एलओएस का डिप्टी कमांडर जयसिंह था। वह मूलत: राजनांदगांव के मोहला मानपुर का रहने वाला था। उस पर कई जघन्य वारदातों को अंजाम देने का केस दर्ज है। नगरी एसडीओपी रितेश चौधरी ने बताया कि मुठभेड़ के बाद जंगल में विशेष सर्चिंग अभियान जारी है। पुलिस को अंदेशा है कि जंगल में कुछ और माओवादी छिपे हो सकते हैं।

एसपी, रजनेश सिंह ने बताया पुलिस को माओवादियों के साथ मुठभेड़ में अहम सफलता मिली है। इसमें गोबरा एलओएस का डिप्टी कमांडर मारा गया। जंगल में दूसरे दिन भी विशेष सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है।

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