खाद्य विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप, फर्जी तरीके से चल रहे मिल में छापा मारकर जब्त किए 1.08 करोड़ का चावल

खाद्य विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप, फर्जी तरीके से चल रहे मिल में छापा मारकर जब्त किए 1.08 करोड़ का चावल

Bhawna Chaudhary | Publish: Jul, 14 2019 02:21:51 PM (IST) Dhamtari, Dhamtari, Chhattisgarh, India

खाद्य विभाग (Food department)) की टीम ने मगरलोड के डीएमएच एग्रो राइस मिल में दबिश देकर धान चावल समेत करीब 1.08 करोड़ रूपए का सामान जब्त किया।

मगरलोड. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में खाद्य विभाग (Food department)) की टीम ने मगरलोड के डीएमएच एग्रो राइस मिल में दबिश देकर धान चावल समेत करीब 1.08 करोड़ रूपए का सामान जब्त किया। उधर खाद्य विभाग की कार्रवाई से राइस मिल संचालकोंं में हडक़ंप मच गया है।

लगातार मिल रही शिकायत के बाद पिछले दिनों कलक्टर रजत बंसल ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के उसना राइस मिलर्स द्वारा धान के उठाव की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अपनी क्षमता के अनुरूप धान नहीं उठाने वाले राइस मिलरों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके लिए खाद्य अधिकारी संतोष दुबे के निर्देशन में एक टीम का गठन किया गया, जिसमेंं सहायक अधिकारी विश्वजीत ठाकुर, खाद्य निरीक्षक अरविंद दुबे, आशीष चंद्राकर और निलेश चंद्राकर को शामिल किया गया था।

शनिवार को टीम के सदस्यों ने मगरलोड के ग्राम अमलीडीह स्थित डीएमएच एग्रो राइस मिल का औचक निरीक्षण किया। देखा गया है कि यहां प्रकाश शर्मा द्वारा बिना पंजीयन कराए ही मिल का संचालन किया जा रहा है। जांच-पड़ताल के दौरान टीम के सदस्यों ने 520 क्विंटल धान, 540 क्विंटल चावल समेत 1.08 करोड़ के अन्य सामानों को जब्त किया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत किया गया है। उधर टीम के सदस्योंं ने मिल मालिक उर्मिला शर्मा के खिलाफ प्रकरण बनाया है। ऐसी चर्चा है कि क्षेत्र के एक राजनीतिज्ञ के इशारे पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। उधर मिल के संचालक प्रकाश शर्मा और उर्मिला शर्मा ने इस कार्यवाही को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

उल्लेखनीय है कि यह पहला मामला नहीं है जब खाद्य विभाग ने किसी राइस मिल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके पूर्व मई-2019 में भी खरीफ विपणन वर्ष-2018-19 में कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराने के बाद भी धान का उठाव नहीं कराने वाले तथा पंजीयन नहीं कराने वाले सात राइस मिलरों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

मिलरों की उड़ी नींद
सूत्रों की मानेंं तो शासन के नियमानुसार राइस मिल संचालकोंं को निजी काम के अलावा 50 फीसदी शासकीय चावल का भी उठाव करना है, लेकिन जिले के अधिकांश राइस मिलर्स इसका पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब विभागीय अधिकारियोंं ने अपनी कार्रवाई भी तेज कर दिया है। उधर एक के बाद एक राइस मिलरों पर कार्रवाई होने से मिल संचालकों की नींद उड़ गई है।

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