आजादी की जंग में शामिल क्रांति कुमार ढीढी का हुआ निधन, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रांति कुमार ढीढी (97) का लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया।

By: Deepak Sahu

Published: 19 Jan 2019, 02:16 PM IST

धमतरी. अंग्रेजी शासनकाल के दौरान भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रांति कुमार ढीढी (97) का लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया। कांग्रेस ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। कलक्टर ने भी उनके गृहग्राम में पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया।

6 साल काटे थे जेल में
बता दें कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रांति कुमार ढीढी का जन्म 20 सितंबर 1922 को कुरूद के गांव भठेली में हुआ। उन्होंने अपनी प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा भखारा विद्यालय में पूरी की। अंग्रेजी शासनकाल के दौरान सन् 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसके लिए उन्हें विद्रोही करार देते हुए अंग्रेजी हुकूमत ने छह साल की सजा सुनाई। आजादी मिलने के बाद वे बतौर शिक्षक के रूप में सिंधौरीकला, भैंसामुड़ा, रिसगांव, भनपुरी, भठेली, सिलघट, सिलौटी-जोरातराई, कचना, थुहा और टिपानी के प्राथमिक शालाओं में करीब 32 साल तक अपनी सेवा दी। वर्ष 1980 में वे सेवानिवृत्त हुए।

इंदिरा ने किया था सम्मानित
देश के पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को देखते हुए ताम्रपत्र भेंटकर सम्मानित किया था। जिला प्रशासन की ओर से भी राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर उनका सम्मान किया जाता रहा है। उनके निधन से शोक की लहर छा गई। पूर्व विधायक गुरूमुख सिंह होरा, माधव सिंह ध्रुव, हरषद मेहता, लेखराम साहू, अंबिका मरकाम, जिलाध्यक्ष मोहन लालवानी, हरमिंदर छाबड़ा, विजय देवांगन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। युवा पीढी उनसे प्रेरणा लेती रहेगी।

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