गंगरेल बांध खतरे के निशान के करीब, रेडियल गेट खोले

कैचमेंट एरिया में अब तक हुई झमाझम बारिश से गंगरेल बांध पूर्ण रूप से लबालब हो गया है।

By: Bhawna Chaudhary

Published: 07 Sep 2020, 10:00 PM IST

धमतरी. कैचमेंट एरिया में अब तक हुई झमाझम बारिश से गंगरेल बांध पूर्ण रूप से लबालब हो गया है। 32 टीएमसी क्षमता वाले इस बांध में अब खतरे के निशान को छूने के लिए 21 सेंटीमीटर और पानी की जरूरत है। इसे देखते हुए फिर से बांध का एक रेडियल गेट खोल दिया है।

उल्लेखनीय है कि इस साल हुई जमकर बारिश ने गंगरेल समेत मुरूमसिल्ली, सोंढूर और दुधावा बांध को लबालब भर दिया है। 6 सितंबर की स्थिति में छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े बांध गंगरेल अपनी क्षमता के अनुरूप पूरी तरह से भर चुका है। क्षमता वाले इस बांध में कुल 31.450 टीएमसी पानी संग्रहित हैं, जो जलभराव का 97.40 फीसदी है।

अर्थात बांध को खतरे के निशान तक पहुंचने के लिए अब महज 21 सेंमी और पानी की जरूरत हैं। कंट्रोल रूम के मुताबिक अब भी यहां 4 हजार 395 क्यूसेक प्रति सेकंड पानी की आवक बनी हुई हैं, जिसे देखते हुए बांध से 3354 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध के हेड रेगुलेटर से 300 क्यूसेक, पेन स्टाक से 1650 क्यूसेक तथा मुख्य एक रेडियल गेट खोलकर 1404 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

Bhawna Chaudhary
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned