मोबाइल टॉवर से बढ़ रहा रेडिएशन का खतरा, पांच सालों में बीमारियों से इतनी बढ़ी मरीजों की संख्या

शहर में जगह-जगह मोबाइल टॉवर लगे होने से रेडिएशन का खतरा बढ़ गया है।

By: Deepak Sahu

Published: 23 Jul 2018, 04:42 PM IST

धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में जगह-जगह मोबाइल टॉवर लगे होने से रेडिएशन का खतरा बढ़ गया है। अब तक स्कूल के आसपास लगे एक भी टॉवर को नहीं हटाया गया है, जिसे लेकर पालकों में रोष व्याप्त है। दूसरी ओर केन्द्र सरकार द्वारा मोबाइल टॉवरों में रेडिएशन मापन यंत्र लगाने के निर्देश का भी खुलकर उल्लंघन किया जा रहा है। यही कारण है कि पिछले पांच सालों में कैंसर, हाइपरटेंशन और ब्रेन हेमरेज के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।

लगे है अवैध टॉवर
उल्लेखनीय है कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर मेंं विभिन्न टेलीकॉम कंपनियां ज्यादा से ज्यादा ग्राहको को अपनी ओर आकर्षिक करने के लिए विभिन्न स्कीमें चला रही है। इसके तहत उपभोक्ताओं को सुविधाएं प्रदान करने के लिए ये कंपनियां शहर में घनी आबादी, हास्पिटल और स्कूलोंं के आसपास मोबाइल टॉवर लगा रहे हैं। एक जानकारी के अनुसार शहर के रत्नाबांधा चौक, मकई चौक, अम्बेडकर चौक समेत विभिन्न चौक-चौराहों और घनी आबादी वाली बस्तियों में 85 से अधिक वैध और अवैध टॉवर लगे हुए हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों समाजसेवी बबलू यादव, मुकेश कुमार ने टॉवरों को अन्यत्र स्थापित करने की मांगों को लेकर प्रभारी मंत्री रमशीला साहू को भी ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कलक्टर डॉ सीआर प्रसन्ना को घनी आबादी के बीच स्थापित टॉवरों को चिन्हांकित कर कार्रवाई का निर्देष भी दिया था। इसके लिए बकायदा कार्रवाई भी शुरू हुई, लेकिन छह माह बीतने के बाद अब यह मामला ठंडे बस्ते मेंं चला गया। उधर मोबाइल टॉवरों से निकलने वाले रेडिएशन का सीधा असर स्कूली छात्र-छात्राओं और आम नागरिकोंं पर पड़ रहा है, जिसके चलते वे सिरदर्द, हाइपर टेंशन, बीपी, कैंसर समेत विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

प्रतिबंधित क्षेत्र में लगा टॉवर
शहर के बाम्बे गैरेज, वंदे मातरतम स्कूल, नगर निगम स्कूल, कचरही चोक, मठ मंदिर चौक, शांति कालोनी चौक, बैला बाजार चौक, टिकरापारा, रामपुर वार्ड, जोधापुर वार्ड, ई-हास्पिटल के पीछे, वंदना विहार समेत ऐेसे प्रतिबंधित क्षेत्र हैं, जहां मोबाइल टॉवर लगा दिया
गया है।

आयुक्त ननि के रमेश जायसवाल ने बताया अवैध मोबाइल टॉवरों को चिन्हांकित कर सील करने की कार्रवाई की गई है। अन्य टेलीकॉम कंपनियों को रेडिएशन मापन यंत्र लगाने का निर्देश दिया गया है।

मेडिकल विशेषज्ञ की डॉ आभारानी हिशीकर ने बताया मोबाइल टॉवर से निकलने वाला रेडिएशन सेहत के लिए खतरनाक है। रेडिएशन वाले मोबाइल से प्रतिदिन 1 घंटे तक संपर्क में बने रहने से कैंसर और ब्रेन हेमरेज जैसी घातक बीमारी हो सकती है।

फैक्ट फाइल
शहर- धमतरी
कुल आबादी - करीब 1 लाख
मोबाइल टॉवर - 85
वैध मोबाइल टॉवर - 75
अवैध मोबाइल टॉवर- 4
प्रभावित क्षेत्र - स्कूल, अस्पताल और अन्य क्षेत्र

नहीं लगा मापन यंत्र
सूत्रों की मानें तो मोबाइल टावरों से निकलने वाले रेडिएशन से स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए केन्द्र सरकार ने एक सितंबर 2012 को सख्त मानक तय कर दिया हैं, जिसके लिए प्रत्येक शहर में रेडिएशन मापन यंत्र होना आवश्यक है। यह यंत्र इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन सिस्टम मोबाइल टॉवर से निकलने वाले खतरनाक तरंगों को मापता है, लेकिन धमतरी में लगे टॉवरों में यह यंत्र नहीं लगाया गया है।

Deepak Sahu
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