जलसंकट : गर्मी आते ही गिरने लगा शहर का जलस्तर, 5 सौ हैंडपंप खुद प्यासे

जलसंकट : गर्मी आते ही गिरने लगा शहर का जलस्तर, 5 सौ हैंडपंप खुद प्यासे

Akanksha Agrawal | Publish: May, 18 2019 11:59:14 AM (IST) Dhamtari, Dhamtari, Chhattisgarh, India

(Summer season Latest news) गर्मी (Summer in Chhattisgarh) के शुरू होते छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के जिलों में पानी की समस्या शुरू होने लगी है। धीरे-धीरे जिलों में जलस्तर गिरने लगा है। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी जिले में कई गांवों में पानी की समस्या शुरू हो चुकी है। इस साल अब तक ढाई मीटर से ज्यादा जलस्तर (Water Level) में गिरावट आ चुकी है, जिससे जिले के 528 हैंडपम्पों ने जवाब दे दिया।

धमतरी. मई के महीने में जिस तरह से भीषण गर्मी (Summer in Chhattisgarh) पड़ रही है, उससे तेजी से भू-जलस्तर (Water Level) गिरने लगा है। इस साल अब तक ढाई मीटर से ज्यादा जलस्तर (Water level) में गिरावट आ चुकी है, जिससे जिले के 528 हैंडपम्पों (Hand pump) ने जवाब दे दिया। इसके अलावा 91 हैंडपम्प सामान्य तथा 297 हैंडपम्प मेजर फाल्ट के चलते बंद हो गए, जिससे कई गांवों में जलसंकट (Water Problem) गहरा गया हैं।

धमतरी जिले में कुल 355 ग्राम पंचायतों में आबादी गांवों की संख्या 623 है। इनमें कुल 3265 बसाहट हैं। इसके अलावा 6 नगरीय निकाय भी हैं। यहां लोक स्वास्थ्य विभाग की ओर से हैंडपप, स्थल जलप्रदाय, नलजल योजना समेत अनेक योजनाओं के तहत पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इस साल मार्च महीने से ही जिस तरह गर्मी (Summer in Chhattisgarh) पड़ रही है, उससे भू-जलस्तर भी तेजी से नीचे की ओर जा रहा है।

यही कारण है कि लगातार हैंडपम्पों (Hand Pump) समेत अन्य पेयजल संसाधन प्रभावित होने लगे हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में पेयजल व्यवस्था के तहत कुल 9788 हैंडपम्प (Hand Pump) स्थापित है, जिनमें से 916 हैंडपम्प आज की स्थिति में बंद हो गए हैं। इसमें 91 हैंडपम्प तो सामान्य कारणों से बंद हुआ है, जबकि गर्मी में जलस्तर गिरने (Water Level down) से 528 हैंडपम्पों (Hand Pump) ने जवाब दे दिया। यही नहीं 297 ऐसे भी हैंडपम्प हैं, जो मेजर फाल्ट के चलते बंद है। इसके अलावा 138 स्थल जलप्रदाय और 305 सोलर पम्प सुविधा भी है।

लेटलतीफी पड़ रही भारी
गौरतलब है कि साल दर साल होने वाले जलसंकट (Water Problem) को देखते हुए पीएचई ने करोड़ों रुपए खर्च कर जिले में 225 नलजल योजना की मंजूरी दी थी, लेकिन यह काम ठेकेदारों की लेटतीफी की भेंट चढ़ गया। लक्ष्य के मुकाबले अब तक 165 नलजल ही बन सका है, जबकि 60 गांवों में यह काम कछुआ गति से चल रहा है। इससे पानी को लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।

ईई पीएचई बीएन भोयर ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते जिले में करीब ढाई मीटर जलस्तर गिर गया है। इससे गर्मी व विविध कारणों से 916 हैंडपम्प बंद हो गए है। इसकी पूर्ति के लिए गांवों करीब 690 सिंगल फेस पावर पम्प के जरिए पेयजल आपूर्ति की जा रही है।

इन गांवों में गहराया जलसंकट
उल्लेखनीय है कि जिस तेजी से भूजलस्तर गिर रहा हैं, उससे नगरी ब्लाक के ग्राम गहनासियार, करगा, रिसगांव, बेलरगांव, खालगढ़, मांदागिरी, मेचका, केरेगांव, मगरलोड के भोथा, पाहंदा, सोनेवारा, झाझरकेरा, सियादेही, कुरूद के मरौद, कोड़ेबोड़, गणेशपुर, रामपुर तथा धमतरी के भानपुरी, छाती, उड़ेना आदि गांवों में जलसंकट गहराने लगा है। यहां कई हैंडपम्पों के बंद होने से लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकने मजबूर हैं। बताया गया है कि जिले में जलसंकट ग्रस्त ऐसे करीब 175 गांव हैं।

 

बैलगाड़ी से ला रहे पानी
मगरलोड ब्लाक के ग्राम भोथा के किसान रामकुमार सोनवानी, हरिशंचद नेताम ने बताया कि गांव में 7 हैंडपम्प हैं, जिनमें से 5 बंद हो गए हैं। निस्तारी के लिए लोगों को बैलगाड़ी से तालाबों और खेत-खलिहानों में लगे मोटर पम्प से पानी लाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जलसंकट की शिकायत पंचायत से लेकर कलक्ट्रेट में भी की गई, लेकिन अब तक बिगड़े हैंडपम्प (Hand Pump) सुधारे नहीं गए।

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