छत्तीसगढ़ सरकार जनता को बांट रही घटिया क्वालिटी का चावल, भड़की जनता

शहर की राशन दुकानोंं में लोगों को घटिया क्वालिटी का चावल बांटा जा रहा है।

By: Deepak Sahu

Published: 25 Apr 2018, 05:20 PM IST

धमतरी. शहर की राशन दुकानोंं में लोगों को घटिया क्वालिटी का चावल बांटा जा रहा है। उधर लगातार मिल रही शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी मौन साधे हुए हैं । जिसेलेकर जनता में रोष व्याप्त है।

राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को सस्ते दर पर चावल, गेहूं और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया जा रहा है। एक जानकारी के अनुसार जिले मेंं 392 राशन दुकानें संचालित हो रही है । जिसमें अंत्योदय (गुलाबी) के 45293, अंत्योदय गुलाबी (एकल नि:शुल्क) के 1053, स्पेशल गुलाबी के 312, प्राथमिकता (नीला) के 116279 और नि:शक्तजन (हरा) के करीब 2 सौ कार्ड हैं।

इस तरह जिले में करीब 1 लाख 63 हजार 110 उपभोक्ता हैं। इन्हें खाद्य विभाग द्वारा राशन सामग्री उपलब्ध कराया जा रहा है । जिसमेंं गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। मंगलवार को पत्रिका ने शहर के हटकेशर, जोधापुर, शीतलापारा, लालबगीचा, पोस्ट ऑफिस वार्ड समेत 3 अन्य वार्डों में स्थित राशन दुकानों का जायजा लिया। देखा गया कि प्राथमिकता कार्ड वाले हितग्राहियों को घटिया चावल का वितरण किया जा रहा था।

क्या कहती हैं जनता
मीना साहू ने कहा कि विभागीय अधिकारियोंं को चावल की जांच करने के बाद भी राशन दुकानोंं को सप्लाई किया जाना चाहिए। पिछले कुछ माह से दिए जा रहे चावल की क्वालिटी ठीक नहीं है।


रंजीत बंजारे ने कहा कि गुणवत्ताहीन चावल की सप्लाई पर रोक लगाया जाना चाहिए। जांच के लिए जिला प्रशासन को अलग से टीम गठित करना चाहिए, जिससे हितग्राहियों को गुणवत्ता वाली राशन सामग्री मिल सके।

नहीं हुई कार्रवाई
पार्वती नेताम, कौशिल्या साहू ने बताया कि पिछले चार माह से राशन दुकानोंं में दिए जा रहे चावल की क्वालिटी ठीक नहीं है। कई कट्टे के चावल में पताड़ी (कीड़ा) लग गया है, जिसे मना करने के बाद भी सेल्समेन वितरण कर रहे हैं। पूर्व मेंं जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।

साठ-गांठ का खेल
बताया जाता है कि नागरिक आपूर्ति निगम से जिले के राशन दुकानोंं में चावल का आबंटन किया जाता है। यहां राइस मिलर्स और अधिकारियोंं के बीच सांठगांठ के चलते घटिया चावल को भी पास कर दिया जाता है। बाद में इसी चावल को राशन दुकानों में सप्लाई कर दिया जाता है। ऐसे में यदि मामले की सूक्ष्मता से जांच की जाए, तो पोल खुल सकती है।


जिला खाद्य अधिकारी बीके कोर्राम ने कहा कि घटिया चावल वितरण करने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।

Deepak Sahu
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